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IIM का चुनावी पाठ: लोकसभा चुनाव 2024 के रिजल्ट से स्टूडेंट को देंगे सीख, Exit Poll के फेल होने से लेंगे ये सबक

IIM Lok Sabha Result: लोकसभा चुनाव 2024 के रिजल्ट में एग्जिट पोल फेल हो गया अब इन्हीं बातों को IIM अपने स्टूडेंट्स का सीख के तौर पर पढ़ाएगा

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aman sharma
IIM का चुनावी पाठ: लोकसभा चुनाव 2024 के रिजल्ट से स्टूडेंट को देंगे सीख, Exit Poll के फेल होने से लेंगे ये सबक

IIM Will Teach Lesson From Lok Sabha Result 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम चार जून को जारी हो चुके हैं। इस बार एग्जिट पोल के साथ-साथ राजनीति विद्वानों के अनुमान भी धरे के धरा रह गया। भारतीय जनता पार्टी ने 370 पार का नारा दिया था, लेकिन वह 250 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई।

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वहीं, एनडीए को एग्जिट पोल में 400 सीट मिलने का अनुमान था लेकिन वह 300 से पहले ही आउट हो गए। माना जा रहा है कि भाजपा के कई नारे और वादे जनता जनार्दन को अपनी ओर खींचने में विफल रहे।

कई मुद्दे ऐसे रहे जिनके जरिए पार्टियां जनता को लुभाने में फेल रहीं। इन्हीं सब को मद्देनजर रखते हुए देश का बेस्ट मैनेजमेंट संस्थान (IIM) इस बार के परिणामों से मिली सीख के बारे में अपने छात्रों से रू-ब-रू कराएगा और कस्टमर की जरूरत से संबंधित पाठ पढ़ाया जाएगा।

कुछ लोगों की राय से सबकी राय बताया नहीं जा सकता

एग्जिट पोल आने के बाद उनमें एनडीए को 370 से 400 सीटें तक मिलती दिखाई दे रही थीं, लेकिन एग्जिट पोल के आंकड़े भी गलत के गलत साबित हुए हैं। दरअसल, एग्जिट पोल के आंकडों को एक सर्वे के जरिए इकठ्ठा किया जाता है।

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एग्जिट पोल में 4 से 5 लाख लोगों से बात इसको तैयार किया जाता है। इसपर IIM का कहना है कि महज कुछ लोगों से बात करके आप करोड़ों वोटर्स के मन की बात के बारे में नहीं जान सकते। IIM के डायरेक्टर के मुताबिक कुछ लोगों के मन की राय जानने के बाद करोड़ों लोगों के दिल में क्या चल रहा है इसका पता नहीं लगाया जा सकता, जब तक आप उन सभी से बात नहीं कर लेते। अब यही बात IIM में पढ़ने वाले स्टूडेंट को भी बताई जाएगी।

ग्राहक की आवश्यकता समझना जरूरी

पहला तरीका: स्टूडेंट को ये पढ़ाया जा सकता है कि सबसे पहले कस्टमर की आवश्यता को समझना होगा। दरअसल, लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने मुद्दों पर चुनाव लड़ा था लेकिन तब वोटर्स के मुद्दे कुछ अलग थे। उन्होंने कहा ये भी कहा कि बेशक पार्टियों के पुराने फॉर्मूलों से काम कर रहे थे, लेकिन लेकिन जमीनी हकीकत को भी जानना बेहद जरूरी है।

दूसरा तरीका: इस चुनाव से दूसरी सीख यह मिली की बेशक मार्केट में पहले से कोई स्थापित कंपनी होने के बावजूद वहां पर पहचान बनाया जा सकता है, यह भी इस चुनाव से सीखा जा सकता है। देश में कई ऐसी जगह थीं जहां पर एक पार्टी काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी, लेकिन इसके बावजूद दूसरी पार्टी ने वहां न केवल बेहतरीन प्रदर्शन किया बल्कि प्रचंड जीत भी दर्ज की।

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