हाइलाइट्स
- ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन।
- कॉन्क्लेव में 3500 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव आए।
- CM मोहन यादव ने इन्वेस्टर्स से की वन-टू-वन मीटिंग।
Gwalior Regional Tourism Conclave 2025: ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव 2025 एक ऐतिहासिक अवसर बन गया जब राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीन संभागों के पर्यटन क्षेत्र में 3500 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्तावों की घोषणा करते हुए कहा कि हर निवेशक का अभिनंदन है, चाहे वह एक करोड़ का हो या हजार करोड़ का। साथ ही 6 निवेशकों को रिसॉर्ट और इको टूरिज्म एक्टिविटी के लिए LOAसौंपे गए हैं। इस कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश को पर्यटन और निवेश के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर किया है। कॉन्क्लेव में पर्यटन निवेश और क्षेत्रीय विकास पर चर्चा हुई और कई अहम करार हुए हैं।
₹3500 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव
ग्वालियर में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव ने मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा और ऊर्जा दी है। इस मंच पर देश के प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में 3500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की इच्छा जताई है, जिससे इन क्षेत्रों में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं सामने आई हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन को “ऐतिहासिक क्षण” बताते हुए देते हुए कहा कि यह आर्थिक समृद्धि और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का नया द्वार खोलेगा।
6 निवेशकों को मिले जमीन आवंटन पत्र
कॉन्क्लेव के दौरान सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करते हुए 6 निवेशकों को 7 लोकेशनों पर रिसॉर्ट्स और इको टूरिज्म एक्टिविटी के लिए LOA (Letter of Allotment for Land) जमीन आवंटन पत्र सौंपे गए। इस कदम से शुरुआती तौर पर 60 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष निवेश सुनिश्चित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश प्रस्तावों के माध्यम से न केवल पर्यटन सुविधाएं विकसित होंगी, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय रोजगार भी सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
निवेश, विकास और विरासत का संगम
ग्वालियर-चंबल में पर्यटन उद्योग को नई उड़ान देने के लिए ग्वालियर में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव शुक्रवार से शुरू हुई। इस आयोजन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। सीएम ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए देश-विदेश के पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों से सीधा संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर के स्थानीय नागरिकों को इस कॉन्क्लेव के माध्यम से अनेक विकासपरक सौगातें मिली हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार और जनता मिलकर इसी तरह निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसी नई दुनिया की ओर अग्रसर हैं, जहां विकास और विरासत साथ-साथ चलेंगे।”
इंडिगो कंपनी करेगी मानसिंह किले का नवीनीकरण
सीएम मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर शहर अपने भव्य किले, शिल्पकला और समृद्ध संगीत परंपरा के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यहां का ऐतिहासिक ग्वालियर किला, जिसे “भारत का जिब्राल्टर” कहा जाता है, ग्वालियर की पहचान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों को केंद्र में रखकर लगातार कॉन्क्लेव आयोजित कर रही है, ताकि योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। इसी क्रम में इंडिगो कंपनी अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से 100 करोड़ रुपये की राशि मानसिंह किले के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण पर खर्च करेगी।
रीवा के बाद ग्वालियर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के माध्यम से ₹3,500 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं : CM@DrMohanYadav51 @tourismdeptmp @investindia @Industryminist1 #GwaliorTourismConclave #InvestInMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/VJ5XbGRcK5
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) August 30, 2025
‘मेड इन इंडिया’ को मिल रहा बढ़ावा
सीएम मोहन यादव ने मोदी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के 10-11 साल के कार्यकाल में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 से पहले भारत की अर्थव्यवस्था पिछड़े स्थान पर थी, अब यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगी।
पीएम मोदी का “एमपी अजब है सबसे गजब है” का प्रेरणा वाक्य वास्तव में मध्य प्रदेश के अनुपम नैसर्गिक सौंदर्य, ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध संस्कृति का एक सटीक और जीवंत चित्रण है। सीएम ने आगे कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ को बढ़ावा मिल रहा है और देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्वपटल पर लाया जा रहा है।
सीएम की निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा
मुख्यमंत्री ने ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव 2025’ के दूसरे कार्यक्रम से पहले कई निवेशकों से मुलाकात की और पर्यटन व निवेश को लेकर चर्चा की। जिसमें उनके सुझाव और निवेश योजनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया।
इन प्रमुख निवेशकों से हुई वन-टू-वन चर्चा।
- अमन नाथ – निदेशक, नीमराना होटल्स प्रा. लि.
- विनीत मिश्रा – वीपी संचालन, एकौर (भारत और दक्षिण एशिया)
- रवि गोसाईं – अध्यक्ष, इंडियन टूर ऑपरेटर एसोसिएशन
- के.के. मुहम्मद – पूर्व क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- रतीश नंदा – सीईओ, आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर इन इंडिया
- असद लालजी – एसवीपी, एस्सार ग्रुप व सीईओ, एविड लर्निंग
- अंकुर माहेश्वरी – निदेशक, मॉडर्न मस्ती प्रा. लि.
- आकाश भाटिया – सीईओ, लिबरेट होटल्स एंड रिसॉर्ट्स
- आरती भट्ट – निदेशक, आर्चर हॉस्पिटैलिटी
- विकास अहलूवालिया – नेशनल हेड, जोन बाय द पार्क होटल्स
- चेतन बोहरा – सह-संस्थापक, वेडिंगलाइन
- मनीष सिंघल – सीईओ, I Explore Adventure Activities LLP
- मुकेश अग्रवाल – अध्यक्ष, समर्थ सौम्या समूह
- सचिन गुप्ता – निदेशक, डांग्याच ग्रुप
- पीयूष मिश्रा – अभिनेता, गीतकार, नाटककार
- आकाश गोस्वामी – निदेशक, पर्व सिविकॉन LLP व अन्य संस्थाएं
- अनूप गुप्ता – सीईओ, सोनिया लॉजिंग एंड हॉस्पिटैलिटी
- अपरूपा डे – वन्यजीव फोटोग्राफर, अपरूपा डे फोटोग्राफी
- आर. पी. माहेश्वरी – एमडी, मॉडर्न एम्यूजमेंट इक्विपमेंट्स
- नम्रता मोहन – संस्थापक, टेम्पल गर्ल
- नवनीत शर्मा – एमडी एवं सीईओ, लायन ग्रुप
- नीरज कंसल – निदेशक, सिंहपुर लेकव्यू प्रा. लि.
- करन अरोरा – येप डिजिटल
- सैयद अली ज़ैदी – जी एंटरटेनमेंट
- मधुमिता सिंह – क्रेयॉन एडवरटाइजिंग
किन निवेशकों को सौंपे गए LoA?
- अरुण तिवारी को गांधी सागर (मंदसौर) में 25 कमरों के साथ ईको-टूरिज्म गतिविधियों के संचालन के लिए ₹5 करोड़ के निवेश के लिए LoA सौंपा गया।
- अरुण तिवारी को ही हेमाबर्डी (धार) में 25 कमरों की फिक्स्ड टेंटिंग यूनिट / मिनी रिसॉर्ट परियोजना के लिए भी ₹5 करोड़ के निवेश का LoA मिला।
- यश जैन को रहीपुरा (बुरहानपुर) में 20 कमरों का रिसॉर्ट स्थापित करने के लिए ₹10 करोड़ के निवेश हेतु LoA सौंपा।
- स्मृति मुकुल थोराट (मेसर्स श्री साईं वेयरहाउस एंड एग्रो सर्विस) को बिजाना (शाजापुर) में 20 कमरों के रिसॉर्ट निर्माण के लिए ₹10 करोड़ का LoA सौंपा।
- अमित उपाध्याय को कागपुर (विदिशा) में 25 कमरों वाला होटल/रिसॉर्ट स्थापित करने के लिए ₹10 करोड़ के निवेश का LoA मिला।
- संजय पाव को गांधीसागर (मंदसौर) में 22 कमरों के साथ ईको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए ₹10 करोड़ के निवेश के लिए LoA जारी किया गया।
- विकास नेमा / प्रवीण नायक (मेसर्स A.N. Associates) को नन्हाखेड़ा (जबलपुर) में 30 कमरों के रिसॉर्ट के लिए ₹10 करोड़ के निवेश का LoA सौंपा गया।
विवि भवन निर्माण के लिए ₹50 करोड़ मंजूर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय को स्थायी भवन निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे अकादमिक भवनों के दो ब्लॉक, बालक-बालिका छात्रावास, सभागार भवन एवं आवासीय भवनों के निर्माण तथा अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। बैजू ताल के विकास के लिए एमओयू साइन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा मानसिंह का ऐतिहासिक महल ग्वालियर की शान है। इसकी सुंदरता इतनी अनोखी है कि महल की टाइल्स के रंग भी एशियन पेंट को मात देते हैं।
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निवेशकों की रुचि और संभावनाएं
ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में बड़े निवेशकों ने पर्यटन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश की इच्छा जताई।
प्रमुख प्रस्तावों में:
- सर्वेल लैंड डेवलपर्स द्वारा ₹1000 करोड़ का प्रस्ताव।
- श्रुति इंफ्रास्ट्रक्चर से ₹500 करोड़ का प्रस्ताव।
- जोन बाय द पार्क की ओर से ₹500 करोड़ का निवेश प्रस्ताव।
इन निवेशों से ग्वालियर क्षेत्र में होटल, रिसॉर्ट और इको टूरिज्म यूनिट विकसित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व जैसे मानसिंह किला, चौंसठ योगिनी मंदिर को पर्यटन का केंद्र बनाएंगे। साथ ही, प्रदेश में टाइगर, चीता जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी से वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों और मेहमानों के विचार
- प्रसिद्ध अभिनेता पीयूष मिश्रा ने ग्वालियर को “कलाकारों की जननी” बताया और राज्य की फिल्म नीति की खुले दिल से सराहना की।
- नीमराना होटल्स के अमन नाथ ने मध्यप्रदेश को “देश की नाभि” करार देते हुए इसे सांस्कृतिक पर्यटन के लिए उपयुक्त बताया।
- फिक्की प्रतिनिधि असद लालजी ने कहा कि पर्यटन सिर्फ घूमने-फिरने का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का सशक्त जरिया भी है।
ट्रैवल मार्ट की नींव बनेगा कॉन्क्लेव
ग्वालियर में आयोजित ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2025 (11-13 अक्टूबर, भोपाल) की बुनियाद बनेगा। यह आयोजन मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड करेगा।
इससे पहले जुलाई में रीवा और अब ग्वालियर में रीजनल कॉन्क्लेव्स का आयोजन किया गया है, ताकि प्रदेश के पर्यटन को जमीनी स्तर पर मजबूत दिशा दी जा सके।
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में किया गया। कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी होंगे। प्रसिद्ध अभिनेता पीयूष मिश्रा और फैसल मलिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।