क्या Jyotiraditya Scindia के सामने Congress को नहीं मिल रहा उम्मीदवार, क्यों फंसा Guna सीट पर पेंच?

Loksabha Chunav 2024: क्या Jyotiraditya Scindia के सामने Congress को नहीं मिल रहा उम्मीदवार,  क्यों फंसा Guna सीट पर पेंच?

क्या Jyotiraditya Scindia के सामने Congress को नहीं मिल रहा उम्मीदवार, क्यों फंसा Guna सीट पर पेंच?

हाइलाइट्स

  • सिंधिया तैयार, योद्धा के लिए कितना इंतजार?
  • कांग्रेस को गुना से नहीं मिल रहा उम्मीदवार
  • दूसरी लिस्ट में भी नहीं हुआ प्रत्याशी का ऐलान

Loksabha Chunav 2024: बीजेपी ने गुना लोकसभा सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम का ऐलान किया इस पर जीतू पटवारी ने सियासी अखाड़े में बहुत सफगोई से कहा कि हम सिंधिया सामने किसी योद्धा को ही चुनाव लड़ाएंगे। लेकिन वो योद्धा कौन होगा इसका खुलासा उस दिन से लेकर आज तक नहीं हो पाया। जिसके बाद सियासी गलियारों में सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि क्या कांग्रेस को सिंधिया के सामने कोई उम्मीदवार नहीं मिल रहा है।

   कांग्रेस नहीं कर पाई उम्मीदवार तय

बता दें कि गुना लोकसभा सीट से 2019  में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर मैदान में हैं। पिछली बार बीजेपी प्रत्याशी केपी यादव से हारने वाले सिंधिया इस बार अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं और साथ ही पूरी तरह से तैयार हैं।

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तो वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस गुना लोकसभा सीट पर अभी तक प्रत्याशी ही तय नहीं कर पाई है। शनिवार रात जब मध्यप्रदेश कांग्रेस के 12 प्रत्याशियों के नामों की लिस्ट सामने आई तो हर कोई उस लिस्ट में गुना लोकसभा सीट के उम्मीदवार का नाम खोजता रहा। लेकिन कांग्रेस ने उस सीट को होल्ड कर एक बार फिर सस्पेंस बढ़ा दिया।

   दिग्गी का जमकर चला नाम

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पहले (Loksabha chunav 2024) गुना सीट से दिग्विजय सिंह का नाम जमकर चला, लेकिन फिर कांग्रेस ने उन्हें राजगढ़ भेज दिया। इसके बाद अरुण यादव के नाम भी चर्चा जमकर हुई। लेकिन जैसे ही अरुण यादव के नाम पर मुहर लगने की बात आई तो उन्होंने भी इंकार कर दिया।

सियासी गलियारों की मानें तो अरुण यादव गुना की जगह खंडवा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। अब कांग्रेस के पास सिर्फ दो मजबूत कैंडिडेट बचते हैं, जिनमें से एक के नाम की घोषणा पार्टी जल्द ही कर सकती है।

   पहले नंबर पर हैं हरिवल्लभ शुक्ला

पहला नाम हैं हरिवल्लभ शुक्ला, शुक्ला पहली बार 1980 में कांग्रेस के टिकट से चुनाव जीते। कांग्रेस, बीजेपी और बसपा की टिकट पर अब तक 6 बार चुनाव लड़ चुके हैं।

लोकसभा चुनाव 2004 में बीजेपी की टिकट पर सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ा था, पर 80 हजार वोटों से हार गए थे। 2020 में कांग्रेस की टिकट पर उपचुनाव लड़ा था। पोहरी सीट पर सुरेश राठखेड़ा से चुनाव हार गए थे।

   वीरेंद्र रघुवंशी दूसरे नंबर पर

दूसरे उम्मीदवार जिनका नाम है, वीरेंद्र रघुवंशी। बता दें कि रघुवंशी साल 2018 में कोलारस से बीजेपी की टिकट पर विधायक बने थे। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस ज्वॉइन की थी।

इस चुनाव में वह कांग्रेस की टिकट पर शिवपुरी से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट ही नहीं दिया। अब 2024 के लोकसभा चुनाव में गुना सीट के पैनल में उनका नाम है।

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बहरहाल कांग्रेस इस हाइप्रोफाइल सीट पर किस उम्मीदवार को उतारेगी ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन राजनीतिक समीकरणों की मानें तो कांग्रेस के लिए ये सीट जीतना बेहद मुश्किल है।

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