गुजरात में नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक ‘स्वास्तिक रास’ लोकनृत्य का आयोजन किया। यह रास गरबा सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि गुजराती संस्कृति व लोक परंपरा की समृद्ध झलक भी देता है। सैकड़ों भक्तों ने स्वास्तिक आकृति बनाकर ताल-लय में मंत्रोच्चार व भक्तिभाव के साथ नृत्य किया, जिससे माहौल भक्तिमय और उत्सवपूर्ण हो गया। मान्यता है कि स्वास्तिक रास से मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख‑शांति एवं समृद्धि प्राप्त होती है।
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