सरकार ने छेड़छाड़ के आरोपी सीमाशुल्क अधिकारी को सेवा से हटाया

नयी दिल्ली, 30 दिसंबर (भाषा) सरकार ने एक वरिष्ठ सीमाशुल्क अधिकारी को दिल्ली हवाईअड्डे पर कथित रूप से एक विदेशी महिला का यौन उत्पीड़न करने और उससे छेड़छाड़ के आरोप में सेवा से हटा दिया है।

सूत्रों ने बताया कि आयुक्तालय के समूह ‘बी’ के राजपत्रित अधिकारी, सीमाशुल्क अधीक्षक देवेंद्र कुमार हुड्डा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर तैनात थे। उन्हें सेवा संबंधी नियम 56 (जे) के तहत लोकहित में सेवानिवृत्त कर दिया गया है।

उन पर उज्बेकिस्तान की महिला यात्री का यौन उत्पीड़न का आरोप है। यह घटना दो-तीन मई 2019 की रात हुई थी और बाद में महिला को प्रतिबंधित पदार्थ (सिगरेटों) के दो बैगों के साथ जाने दिया गया।

मामले में हुड्डा की प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी है।

राजस्व विभाग के सूत्रों ने बताया कि हुड्डा के निलंबन के बाद से मामले की जांच की जा रही है।

विभागीय जांच समिति, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) कानून के तहत आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) और समीक्षा कमेटी ने विस्तृत जांच की और कदाचार, यौन उत्पीड़न तथा विभाग की छवि को आहत करने के आरोपों पर उन्हें सेवा संबंधी नियम एफआर 56(जे) के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सिफारिश की।

सूत्रों ने बताया कि समीक्षा कमेटी इस निष्कर्ष पर पहुंची की इस तरह के उनके आचरण और सेवा में उनके बने रहने से लोक सेवा की साख को धक्का लगेगा।

उन्हें पिछले सोमवार (21 दिसंबर 2020) को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश थमाया गया।

सूत्रों ने बताया कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश के बावजूद विभागीय जांच जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर आपराधिक कार्यवाही की जाएगी। आरोप साबित होने पर अनुशासन का निर्णय लेने वाला प्राधिकार उचित कार्रवाई कर सकता है क्योंकि भारतीय संविधान के अंतर्गत अनिवार्य सेवानिवृत्ति कोई दंडात्मक कदम नहीं है।

सूत्रों ने बताया कि दो और तीन मई 2019 की रात उज्बेकिस्तान की दो महिला यात्री ताशकंद से एचवाई 421 विमान से पहुंची थीं। जांच के लिए ग्रीन चैनल पर पहुंची एक महिला यात्री को सीसीटीवी की निगरानी वाले क्षेत्र से बाहर रखा गया और करीब एक घंटा तक उसे हिरासत में रखा गया। बाद में प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए बिना ही उसे जाने की अनुमति दे दी गयी।

दूसरी महिला यात्री को भी करीब आधा घंटा तक इसी तरह हिरासत में रखा गया और उसे भी प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए बगैर जाने दिया गया।

दोनों महिला यात्रियों को बिना किसी महिला सीमाशुल्क अधिकारी की मौजूदगी में हुड्डा के कक्ष में रखा गया था, जहां उनका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ और उनसे छेड़छाड़ की गयी।

बाद में एक महिला यात्री ने आईसीसी के सामने हुड्डा की पहचान की और उन पर ‘‘छेड़छाड़ एवं यौन उत्पीड़न’’ का आरोप लगाया।

सूत्रों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर समीक्षा कमेटी ने हुड्डा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का फैसला किया।

मामले में आगे की जांच जारी रहेगी।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश

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