Google bug bounty program: गूगल दे रहा है घर बैठे करोड़ों कमाने का मौका, आप भी कर सकते हैं ट्राय

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नई दिल्ली। हम कई बार खबरों में सुनते हैं कि गूगल ने करोड़ों रूपये के पैकेज पर लोगों को नौकरी पर रखा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गूगल में बिना जॉब किए भी आप गूगल से करोड़ों रुपये कमा सकते हैं।

बतादें कि इन दिनों गूगल अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के नए वर्जन एंड्रॉयड 12 को लाने की तैयारी में है। उसने इसका बीटा वर्जन जारी भी कर दिया है। हालांकि यह वर्जन फिलहाल बाजार में उपलब्ध कुछ चुनिंदा डिवाइस के लिए ही जारी किया गया है। गूगल से करोड़ों रूपये कमाने का तरीका भी इसी एंड्रॉयड 12 ओएस से जुड़ा है।

बीटा वर्जन का मलतब क्या है?

मालूम हो कि किसी भी सॉफ्टवेयर के बीटा वर्जन का मतलब यह होता है कि इसमें अभी संभावित कमियां नजर आ सकती हैं और इसे लगातार बेहतर करने के प्रयास जारी हैं। जब कंपनी सभी खामियों को दूर कर लेती है। तब वे अपने सॉफ्टवेयर के स्टेबल वर्जन को रिलीज करती हैं। ताकि यूजर को खामियों से दूर और अधिक भरोसेमंद सॉफ्टवेयर मिल सके। गूगल द्वारा रिलीज किए गए एंड्रॉयड 12 के बीटा वर्जन में भी कई खामियां हैं। जिन्हें ढूंढ कर सही करना गूगल के लिए जरूरी है। इसी लिए कंपनी बग बाउंटी प्रोग्राम चलाकर बाहरी मदद लेते हुए अपने ओएस को बेहतर बनाने का काम करती है।

18 मई से शुरू हो गया है बग बाउंटी प्रोग्राम

गूगल ने इस बग बाउंटी प्रोग्राम को 18 मई से शुरू कर दिया है जो 18 जून तक चलेगा। यानी अभी भी आपके पास 17 दिन हैं। इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने वालों को एंड्रॉयड 12 बीटा 1, एंड्रॉड 12 बीटा 1.1 में खामियां यानी बग ढूंढने होंगे। जो भी व्यक्ति इस बग को 18 मई से 18 जून के बीच ढूंढेगा उसे 50 फीसदी का बोनस भी दिया जाएगा। गूगल के अनुसार इन बीटा वर्जन में अगर आप फोन की लॉक स्क्रीन को चकमा दे देते हैं यानी उसे बायपास करने में सफल हो जाते हैं तो गूगल की तरफ से आपको 1 लाख डॉलर (करीब 72 लाख 54 हज़ार रुपये) का इनाम मिलेगा। इसी के साथ अन्य तमाम बग के लिए अलग-अलग इनाम राशि घोषित की गई है।

कंपनी इसे जल्द ही दूसरे फोन के लिए भी जारी कर सकती है

गौरतलब है कि एंड्रॉयड 12 बीटा वर्जन फिलहाल गूगल के पिक्सल फोन के लिए उपलब्ध है, लेकिन कंपनी इस जल्द वन प्लस, MI और आसुस के कुछ मॉडल के साथ कुछ अन्य कंपनियों के फोन पर भी जारी कर सकती है।

पिछले साल दिए थे 48 करोड़ रूपये

आपको बता दें कि गूगल हर साल अपना बग बाउंटी प्रोग्राम चलाता है। जिसके जरिए गूगल सिक्योरिटी तोड़ने पर जोरदार इनाम देता है। पिछले साल यानी 2020 में एंड्रॉयड ने 662 ऐसे सिक्योरिटी रिसर्चर्स को उसके उत्पादों में खामियां ढूंढने पर कुल 6.7 मिलियन डॉलर (करीब 48 करोड़ 59 लाख रूपये) का रिवार्ड दिया था।

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