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Varanasi Fraud Case: मेडिकल कॉलेज में धोखाधड़ी, निदेशक सुदामा पटेल फरार घोषित, कोर्ट ने जारी किया गैर जमानती वारंट

Varanasi Fraud Case: धवकलगंज निवासी संजय कुमार गुप्ता और मऊ निवासी दिवाकर चौहान ने अदालत के आदेश पर जैतपुरा थाने में केस दर्ज कराया था।

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anurag dubey
Varanasi Fraud Case: मेडिकल कॉलेज में धोखाधड़ी, निदेशक सुदामा पटेल फरार घोषित, कोर्ट ने जारी किया गैर जमानती वारंट

हाइलाइट्स 

  • निदेशक सुदामा पटेल फरार घोषित
  • फर्जी डिग्री देने के मामले में कोर्ट ने फरार घोषित किया
  • अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है
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Varanasi Fraud Case: वाराणसी के सृजन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (Srujan Institute of Medical Science) के निदेशक डॉ. सुदामा पटेल को छात्रों से फीस और पंजीकरण शुल्क लेकर फर्जी डिग्री देने के मामले में कोर्ट ने फरार घोषित किया है। अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए उनके घर कुर्की की नोटिस चस्पा कराई है।

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छात्रों से धोखाधड़ी का बड़ा मामला

वाराणसी (Varanasi) के जैतपुरा स्थित सृजन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (Srujan Institute of Medical Science) के निदेशक डॉ. सुदामा पटेल पर छात्रों से धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है। मामला कई साल पुराना है, जिसमें छात्रों ने बताया कि उनसे फीस और पंजीकरण (Registration) शुल्क लेने के बावजूद उन्हें फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां दी गईं।अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (Additional Chief Judicial Magistrate) की अदालत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए डॉ. सुदामा पटेल को कोर्ट में पेश न होने पर फरार घोषित कर दिया। अदालत ने गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किया और उनके घर पर कुर्की की नोटिस चस्पा की गई।

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छात्रों की गवाही और धोखाधड़ी का खुलासा

धवकलगंज निवासी संजय कुमार गुप्ता और मऊ निवासी दिवाकर चौहान ने अदालत के आदेश पर जैतपुरा थाने में केस दर्ज कराया था। दोनों छात्रों ने साल 2015-16 में डी.फार्मा कोर्स (D Pharma Course) के लिए दाखिला लिया और पूरी फीस चुकाई। पढ़ाई और इंटर्नशिप के बाद उन्हें जो मार्कशीट और डिग्री मिली, वह ऑनलाइन सत्यापन (Verification) में फर्जी पाई गई।

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पैसे लेकर रजिस्ट्रेशन का झांसा

जब छात्र शिकायत लेकर निदेशक से मिले तो उन्हें कहा गया कि प्रमाणपत्र उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल (UP Pharmacy Council) से रजिस्ट्रेशन के बाद मान्य होंगे। छात्रों ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की, लेकिन जब काउंसिल से जानकारी मिली तो पता चला कि सभी प्रमाणपत्र फर्जी हैं। बाद में छात्रों से एक बिचौलिए के जरिए और पैसे लेकर रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही गई गौर करने वाली बात यह है कि आरोपी डॉ. सुदामा पटेल वाराणसी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर एमएलसी चुनाव (MLC Election) भी लड़ चुके हैं। अब मामला खुलने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

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