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Farmers Protest against farm laws in Delhi: कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग एक महीने से देश की राजधानी दिल्ली में किसानों का आंदोलन जारी है। अब भी किसानों और सरकार के बीच गतिरोध कम होता नहीं नजर आ रहा है। इसी बीच आज किसानों के पक्ष में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सड़क पर उतरे। किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल के नेतृत्व में राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने वाले थे।
लेकिन प्रशासन ने मार्च के लिए इजाजत नहीं दी थी। नई दिल्ली इलाके में धारा 144 लगा दी गई। जब कांग्रेस ने मार्च निकाला तो प्रियंका समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
Congress leaders including Smt. @priyankagandhi detained by Delhi police as coward Modi Govt attempts to stop us!
"Any dissent against this govt is classified as having elements of terror. We are undertaking this march to voice our support for the farmers," -@priyankagandhipic.twitter.com/F9Q2CqBZYJ— All India Mahila Congress (@MahilaCongress) December 24, 2020
दरअसल राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष ने भी पहले ही हल्ला बोलने की पूरी तैयारी कर ली थी। कांग्रेस ने जैसे ही मार्च निकाला पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। वहीं कृषि कानूनों के संबंध में राहुल गांधी पार्टी के तीन नेताओं के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले। कांग्रेस नेता ने दो करोड़ किसानों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा और नए कृषि कानूनों को वापस लेने की अपील की।
Delhi Police take Priyanka Gandhi and other Congress leaders into custody.
They were taking out a march to Rashtrapati Bhavan to submit to the President a memorandum containing 2 crore signatures seeking his intervention in farm laws issue. https://t.co/YHBbXmF8nCpic.twitter.com/SBB8BwyJ1P— ANI (@ANI) December 24, 2020
राहुल गांधी ने कृषि कानून के मसले पर राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा, राष्ट्रपति से हमने कहा है कि इन कानूनों से किसानों को नुकसान होगा। पूरा देश देख रहा है कि किसान कानून के खिलाफ खड़ा है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं, किसान हटेगा नहीं, जबतक कानून वापस नहीं होगा तबतक कोई वापस नहीं जाएगा।
मैं एडवांस में चीज बोल देता हूं, मैंने कोरोना के बारे में बोला था कि नुकसान होने जा रहा है। उस समय किसी ने बात नहीं सुनी। आज मैं फिर से बोल रहा हूं किसान, मज़दूर के सामने कोई भी शक्ति खड़ी नहीं हो सकतीः राहुल गांधी, कांग्रेस #FarmLawshttps://t.co/GZH7YrFotU
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 24, 2020
राहुल ने ये भी कहा, सरकार संसद का संयुक्त सत्र बुलाए और इन कानूनों को तुरंत वापस ले। आज देश का किसान दुख और दर्द में हैं, कुछ किसानों की मौत भी हुई है।
PM Modi is making money for the crony capitalists. Whoever will try to stand against him will be called terrorist - be it farmers, labourers and even Mohan Bhagwat: Congress leader Rahul Gandhi pic.twitter.com/BnasthQBiX
— ANI (@ANI) December 24, 2020
प्रियंका ने मोदी सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, जवान किसान का बेटा होता है, जो किसानों की आवाज ठुकरा रहा है, अपनी जिद्द पर अड़ा हुआ है जबकि देश का अन्नदाता बाहर ठंड में बैठा है तो उस सरकार के दिल में क्या जवान, किसान के लिए आदर है या सिर्फ अपनी राजनीति, अपने पूंजीपति मित्रों का आदर है?
https://twitter.com/ANI/status/1341993657117753345
मार्च से पहले कांग्रेस के दफ्तर में राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों से मुलाकात की। कांग्रेस का यह मार्च विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक निकाला जाना था। हालांकि इससे पहले ही प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया था।
https://twitter.com/ANI/status/1341974059265925120
राहुल ने ट्वीट करके भी सरकार को घेरा है। राहुल ने लिखा, 'भारत के किसान ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कृषि-विरोधी क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, इस सत्याग्रह में हम सबको देश के अन्नदाता का साथ देना होगा।
https://twitter.com/RahulGandhi/status/1341962832171044870
बता दें कि, केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन नए कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर कई राज्यों के किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की तरफ से पेश किए गए ताजा संशोधनों के प्रस्ताव को भी किसानों ने ठुकरा दिया है। किसानों का कहना है, सरकार बिना शर्त बातचीत की टेबल पर आए। इससे पहले भी कई बार किसानों और सरकार के बीच बातचीत हुई लेकिन कोई हल नहीं निकला।
देश की जनता की आवाज को सुनना ही एक नेता का काम होता है, सरकार का काम होता है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, किसानों के प्रति जवाबदेह है। हमारे जवान भी किसानों के ही बेटे हैं; उनके माता-पिता की आवाज सुनी जानी चाहिए।#CongressMarchForFarmerspic.twitter.com/4hE8hBCXxI
— Congress (@INCIndia) December 24, 2020
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