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Image Source: Twitter@Arvind Kejriwal
Delhi CM Arvind Kejriwal House Arrest: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नजरबंद किया गया है। यह दावा आज किसानों के भारत बंद के बीच आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party-AAP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने पार्टी के इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह गलत बताया है।
This statement is absolutely incorrect. As being the CM of Delhi, he can move around wherever he wants: Anto Alphonse, DCP North, Delhi https://t.co/pc4WJAxZekpic.twitter.com/7geRbaVoYe
— ANI (@ANI) December 8, 2020
'आप' के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, गृह मंत्रालय के आदेशों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री को हाउस अरेस्ट किया गया है। सीएम केजरीवाल को घर में नजरबंद इसलिए किया गया है ताकि वो किसानों से ना मिल सकें।
https://twitter.com/AAPDelhi/status/1336198149346652163
आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा, जब से मुख्यमंत्री सिंघु बॉर्डर पर किसानों से मिलकर और किसानों को समर्थन देकर आए हैं, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री को घर में बैरिकेड लगाकर नजरबंद किया हुआ है। उनसे न कोई मिल सकता है, न वो बाहर आ सकते हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है, 'आप' का ये बयान बिल्कुल गलत है। दिल्ली के मुख्यमंत्री जहां जाना चाहें, जा सकते हैं। उत्तरी दिल्ली के डीसीपी एंटो अल्फोंस ने कहा, AAP और किसी अन्य पार्टी के बीच टकराव से बचने के लिए यह सामान्य तैनाती है। सीएम को नजरबंद नहीं किया गया है।
It is a general deployment to avoid any clash between AAP and any other party. CM has not been put under house arrest: Anto Alphonse, DCP North, Delhi https://t.co/pc4WJAxZek
— ANI (@ANI) December 8, 2020
केंद्र की मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने आज ‘भारत बंद’ किया है। किसानों के इस महाआंदोलन को कांग्रेस, आप समेत कई राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियन का समर्थन मिला है।
इन राजनीतिक दलों ने दिया भारत बंद को समर्थन-
1.कांग्रेस 2. NCP 3. BSP 4. CPI 5. RJD 6. माकपा 7.JMM 8. SP 9. शिवसेना 10. अकाली दल 11. भाकपा-माले 12. गुपकार गठबंधन 13. TMC 14.TRS 15.AIMIM 16. आम आदमी पार्टी 17. पीडब्ल्यूपी 18. बीवीए 19. आरएसपी 20. एफबी 21. एसयूसीआई (सी) 22. स्वराज इंडिया 23. DMK 24. JDS
ये है किसानों की मांग
प्रदर्शनकारी किसानों की मूल मांग कृषि क्षेत्र से जुड़े तीनों नए कानूनों को वापस लेने की है। किसानों की इस मांग पर केंद्र सहमत नहीं है। हालांकि सरकार कानूनों में कुछ संशोधन करने के लिए राजी है मगर किसान नेता कानूनों को वापस लेने की मांग पर ही अड़े हुए हैं।
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