हाइलाइट्स
- असली Sender ID आमतौर पर 6 अक्षरों की होती है।
- फर्जी मैसेज और स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं
- SMS की पहचान के लिए S, G, P और T कोड का नियम लागू किया
Fake Messages: डिजिटल युग में फर्जी मैसेज और स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं। TRAI ने असली और नकली SMS की पहचान के लिए S, G, P और T कोड का नियम लागू किया है, जिसे जानकर आप ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
बढ़ते फर्जी मैसेज और स्कैम
आज के डिजिटल दौर में फर्जीवाड़ा (Fraud) और ठगी (Scam) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आए दिन स्कैमर्स नकली SMS और मैसेज भेजकर लोगों को फँसाने की कोशिश करते हैं। ये मैसेज अक्सर बैंकों (Banks), ई-कॉमर्स कंपनियों (E-commerce Companies), टेलीकॉम ऑपरेटर्स (Telecom Operators) या सरकारी संस्थानों (Government Institutions) के नाम से भेजे जाते हैं। इनमें दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में मैलवेयर (Malware) इंस्टॉल हो जाता है और व्यक्तिगत डेटा चोरी हो सकता है।
यह भी पढ़ें: Aaj ka Panchang 31 August: रविवार को शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि पर इतने बजे से लगेगा राहुकाल, पढ़ें आज का पंचांग
TRAI के नियम और Sender ID की पहचान
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने प्रमोशनल कॉल्स और SMS पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। अब असली कंपनियों और संस्थाओं को मैसेज भेजने के लिए एक तय फॉर्मेट की Sender ID का इस्तेमाल करना होगा।
- असली Sender ID आमतौर पर 6 अक्षरों की होती है।
- इसके बाद हाइफ़न (-) और एक कैपिटल लेटर (S, G, P, T) जुड़ा होता है।
- उदाहरण: HDFCBK-S या MYGOVT-G।
S, G, P और T का मतलब
- S (Service): ये सर्विस मैसेज होते हैं। जैसे बैंक से ट्रांज़ैक्शन अलर्ट, OTP, ई-कॉमर्स से ऑर्डर कन्फर्मेशन।
- G (Government): सरकारी विभागों से आने वाले मैसेज, जैसे योजनाओं की जानकारी, अलर्ट या पब्लिक नोटिस।
- P (Promotional): ऑफर्स, डिस्काउंट और मार्केटिंग वाले मैसेज। ये केवल उन्हीं यूज़र्स को भेजे जाते हैं जो DND लिस्ट में नहीं हैं।
- T (Transactional): जरूरी और समय-संवेदनशील मैसेज जैसे OTP, अकाउंट एक्टिविटी अलर्ट।
नकली SMS की पहचान कैसे करें?
अगर आपको किसी साधारण 10-अंकों वाले मोबाइल नंबर से बैंक या सरकार के नाम पर मैसेज आता है, तो समझ लीजिए कि वह फर्जी है। असली कंपनियां और संस्थाएं कभी भी पर्सनल नंबर से मैसेज नहीं भेजतीं।
सुरक्षित रहने के टिप्स
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- असली Sender ID (S, G, P, T) जरूर जांचें।
- अपने बैंकिंग डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें।
- संदिग्ध मैसेज को तुरंत रिपोर्ट करें।
FAQ 1: फर्जी SMS की पहचान कैसे करें?
जवाब: अगर कोई मैसेज साधारण 10-अंकों वाले मोबाइल नंबर से आता है और उसमें बैंक, सरकार या किसी कंपनी का नाम लिखा है, तो वह फर्जी है। असली संस्थान हमेशा अपनी तय Sender ID (सेंडर आईडी) से मैसेज भेजते हैं।
FAQ 2: TRAI ने असली SMS की पहचान के लिए कौन-सा नियम बनाया है?
जवाब: TRAI ने तय किया है कि असली SMS की Sender ID हमेशा 6 अक्षरों की होगी, जिसके बाद हाइफ़न (-) और एक अक्षर (S, G, P, T) जुड़ा होगा। जैसे: HDFCBK-S, MYGOVT-G।
FAQ 3: S, G, P और T का क्या मतलब है?
जवाब: S (Service): बैंकिंग, ई-कॉमर्स या ट्रांज़ैक्शन से जुड़े मैसेज।
-
G (Government): सरकारी विभागों द्वारा भेजे गए मैसेज।
-
P (Promotional): ऑफर या डिस्काउंट वाले प्रमोशनल मैसेज।
-
T (Transactional): OTP या जरूरी नोटिफिकेशन वाले मैसेज।
FAQ 4: क्या असली बैंक और सरकारी संस्थान पर्सनल मोबाइल नंबर से SMS भेजते हैं?
जवाब: असली बैंक, ई-कॉमर्स कंपनियां और सरकारी संस्थान कभी भी 10-अंकों वाले पर्सनल नंबर से मैसेज नहीं भेजते। अगर ऐसा मैसेज मिले तो वह नकली है।
Kanpur Police Bribery: वर्दी पर दूध का दाग! चार्जशीट के लिए दारोगा ने मांगी अनोखी ‘रिश्वत’, ऑडियो हुआ वायरल
Kanpur Police Bribery: उत्तरप्रदेश के कानपुर में पुलिस का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक दरोगा का ऑडियो वायरल हो रहा है पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें