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MPPSC PRE 2023: सिंगल बेंच के फैसले पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दो मिनट में दिया स्टे, राज्य वन परीक्षा पर पड़ेगा ये असर

MPPSC PRE 2023: एमपी हाईकोर्ट के स्टे के बाद MPPSC के अंतर्गत 30 जून से होने वाली राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा पर पड़ेगा ये असर

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Rahul Sharma
MPPSC PRE 2023: सिंगल बेंच के फैसले पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दो मिनट में दिया स्टे, राज्य वन परीक्षा पर पड़ेगा ये असर

हाइलाइट्स

  • राज्य वन सेवा परीक्षा 2023 से जुड़ा है मामला
  • प्री एग्जाम के दो विवादित सवालों पर थी याचिका
  • 30 जून से शुरु होना है MPPSC की मुख्य परीक्षा
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MPPSC PRE 2023: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से जुड़ी एक परीक्षा में सिंगल बेंच के एक फैसले पर हाईकोर्ट (MP High Court) की डबल बेंच ने दो मिनट में स्टे (High Court Gave Stay) दे दिया है।

मामला राज्य वन सेवा परीक्षा 2023 से जुड़ा हुआ है। जिसके कारण एक बार फिर इस परीक्षा को लेकर पेंच फस गया है।

सबकुछ 48 घंटे में ही हो गया

हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने परीक्षा से जुड़े दो विवादित सवालों को लेकर 16 मई को फैसला सुनाया था।

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जिसका आर्डर शुक्रवार, 22 मई को अपलोड हुआ। इस फैसले के विरुद्ध गुरुवार, 23 मई को अवकाश के दिन हाईकोर्ट में याचिका लगी।

याचिका लगते ही 24 मई, शुक्रवार को इस पर सुनवाई हुई और चीफ जस्टिस रवि मलिमठ (MP High Court Chief Justice Ravi Malimath) एवं जस्टिस विशाल मिश्र की डबल बेंच ने स्टे दे दिया।

चीफ जस्टिस 24 मई को रिटायर

सिंगल बेंच के फैसले के अपलोड होने के तुरंत बाद ही हाईकोर्ट में याचिका तेजी से लग गई इसलिए उम्मीदवारों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अंशुल तिवारी द्वारा इस मामले में सोमवार तक के लिए समय मांगा गया।

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https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1793920489129189874

लेकिन चीफ जस्टिस ने समय देने से इंकार करते हुए सिंगल बेंच के आर्डर पर स्टे कर दिया। अब इस मामले में आने वाले दिनों में सुनवाई होगी और फिर फैसला होगा। बता दें कि एमपी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमठ आज यानी 24 मई को रिटायर (Chief Justice Ravi Malimath Retired) हो रहे हैं।

सिंगल बेंच ने ये दिया था फैसला

हाईकोर्ट ने 16 मई को पीएससी 2023 की प्रारंभिक परीक्षा के एक प्रश्न (प्रेस की स्वतंत्रता) को गलत मानते हुए उसे डिलीट करने के निर्देश दिए थे।

वहीं एक अन्य प्रश्न (कबड्डी संघ का मुख्यालय) का पीएससी द्वारा दिए गए उत्तर 'दिल्ली' को गलत माना था। कोर्ट ने इसके उत्तर 'जयपुर' को सही करार दिया था।

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डिलीट किए गए प्रश्न के अंक सभी अभ्यर्थियों को देने कहा था। वहीं दूसरे प्रश्न का उत्तर जिन्होंने जयपुर दिया है, उन्हें उसके अंक देने कहा था।

हालांकि कोर्ट ने इसके पहले सिविल सेवा की 11 मार्च को आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी थी।

जस्टिस विवेक अग्रवाल (Justice Vivek Agarwal) की एकलपीठ ने राज्य वन सेवा की मुख्य परीक्षा के लिए नई मेरिट लिस्ट जारी करने के निर्देश दिए थे।

30 जून से होना है मुख्य परीक्षा

MPPSC 2023 की मेंस परीक्षा 30 जून से होना है। यहां बता दें कि राज्य वन सेवा (State Forest Service Exam 2023) की मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को पीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

अब मामले में अगली सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल एक बार फिर MPPSC PRE 2023 का पेंच फसता दिख रहा है।

19 याचिकाएं मुख्यपीठ में दायर की गई थी

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने बताया था कि पीएससी-प्री परीक्षा में पूछे गए सवालों में से कुछ प्रश्न ऐसे हैं, जिन पर आपत्ति पेश की गई थी।

इसे लेकर प्रदेश के अलग-अलग जगहों से 19 याचिकाएं मुख्यपीठ में दायर की गई थी।

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यह लगाई गई थी आपत्ति

भोपाल के अभ्यर्थी आनंद यादव ने राज्य सेवा परीक्षा, 2023 के प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गये 3 विवादित प्रश्नों को चुनौती दी थी।

फ्रीडम ऑफ प्रेस से जुड़ा सवाल, ग्रीन मफलर किस प्रदूषण से संबंधित है, एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन का हेडक्वार्टर से जुड़े सवालों पर आपत्ति पेश की गई थी।

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