DIGITAL FRAUD SECURITY: नमस्कार आप 50 लाख जीत चुके हैं, बस इतना कर लो

DIGITAL FRAUD SECURITY

BHOPAL: बस इतना पढ़कर ही आप भावुक हो जाते हैं और लालच में आकर अपनी मेंहनत की पूंजी बर्बाद कर देते हैं। ड़िजिटलाइजेशन के इस युग में जहां कई लोगों को फायदा हुआ है वहीं दूसरी ओर कई लोगों को लापरवाही के चलते काफी नुकसान उठाने पड़े हैं। जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार पूरे देश में स्पैम और फिशिंग कॉल को लेकर धीरे-धीरे जागरुकता बढ़ रही है लेकिन अभी भी कई लोग फ्रॉड का शिकार हो रहे हैं। हम आपको इस आलेख में कई बाते बताएंगे जिससे आप इस फ्रॉड से बच सकते हैं।DIGITAL FRAUD SECURITY

क्या है स्पैम कॉल

आपको कई बार ऐसे कॉल आते होंगे कि आप सोना जीत गए।आप की 50 लाख की लॉटरी लग गई।ऐसे ही अनचाहे या अवैध मैसेज या कॉल या मेल को स्पैम कहते हैं। इसका उपयोग व्यवसाय या उत्पाद के प्रचार-प्रसार के लिए होता है। इसमें मैसेज या कॉल के मशीन का उपयोग किया जाता है। अब तो इसके लिए कॉलसेंटर की भी सेवा ली जा रही है।

ऐसे फोन से सावधान रहें लोगों को मेहनत करके 50 रुपए नहीं मिलते आप को लाख या हजार मुफ्त में कैसे मिलेंगे? ऐसे कॉल,मेल,एस एम एस से हमेंशा दूर रहें।DIGITAL FRAUD SECURITY

क्या है फिशिंग कॉल
जिस प्रकार मछली पकडऩे के लिए चारा डाला जाता है और चारे के लालच में मछली फंसती है उसी प्रकार हैकर भी नकली वेबसाइट, ईमेल के माध्यम से इंटरनेट यूजर को लुभावने ऑफर देते हैं और फिर इसमें फंसकर यूजर ठगी का शिकार होता है। जैसे आप लॉटरी जीत गए, नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें, आपको इनाम मिला है आदि, आदि।DIGITAL FRAUD SECURITY

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में इन बातों का रखें ध्यान

  1. सुरक्षित नेटवर्क से ही करें एकाउंट एक्सेस
  2. वेबसाइट का एड्रेस चेक करें
  3. फिशिंग से रहें एलर्ट
  4. कठिन पासवर्ड रखें, हर महीने बदल दें
  5. मोबाइल के लिए भी एंटी वायरस लें
  6. किसी भी साइट पर कार्ड की डीटेल सेव न करें
  7. सिक्योर पेमेंट

अब टेलीमार्केटिंग, यहां प्रदेश बाहर
टेलीमार्केटिंग की बात करें तो इसमें दो प्रकार की कंपनियां आती हैं एक जो टीआरआई यानि ट्राई से पंजीकृत हैं तो दूसरी वो जो कहीं भी पंजीकृत नहीं होती है। जानकार बताते हैं कि पंजीकृत कंपनियों की संख्या वर्तमान में एक अनुमान के मुताबिक 20 हजार तक हो सकती है। वहीं अपंजीकृत कंपनियों की संख्या तीन से लाख से ऊपर हो सकती है। फर्क इतना है कि पंजीकृत कंपनियों का कॉल ट्राई की निगरानी में होता है जबकि अपंजीकृत कंपनियों की कॉल पर कोई लगाम नहीं होता। जानकार बताते हैं कि अपंजीकृत कंपनियां अनाधिकृत तौर पर नंबर हासिल करती है फिर उसका इस्तेमाल करती है।

एक्सपर्ट व्यू

स्पैम और फिशिंग कॉल से बचने का सबसे अच्छा तरीका आपका जागरूक होना ही है। अवांछित कॉल और अप्रत्याशित बातों पर यकीन न करें और विवेक से निर्णय लें तो आप शिकार होने से बच सकते हैं। पर यदि आप शिकार हो गए हैं तो तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करवाएं। बकायदा ऐसी शिकायतों की जांच के ट्राई और भारत सरकार ने अपना सेल बनाया हुआ है।

अपनों की सुरक्षा के लिए इसे शेयर करना ना भूलें….

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password