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Indore News: प्रोफेसर ने स्टूडेंट से क्यों लिखवाया खुद ही की मौत का ​शोक संदेश, मानव अधिकार आयोग पहुंचा मामला

Indore News: प्रोफेसर ने स्टूडेंट से क्यों लिखवाया खुद ही की मौत का ​शोक संदेश, मानव अधिकार आयोग पहुंचा मामला

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Preeti Dwivedi
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Indore News khud ki maut ka shok sandesh Assignment: इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में एक प्रोफेसर की अजीबो गरीब करतूत सामने आई है, जहां प्रोफेसर डॉ. अतुल भरत ने अपने MBA के स्टूडेंट्स को एक ऐसा असाइनमेंट दिया है जिसमें स्टूडेंट्स को खुद की मौत का ही शोक संदेश लिखने के लिए कहा गया। अब इसकी शिकायत मानव अधिकार आयोग में की गई है।

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नंबर न कटें, इस डर से लिखा शोक संदेश

जानकारी के अनुसार स्टूडेंट्स को डर था कि उनके नंबर न कट जाएं, जिस वजह से सभी ने नंबर कटने के डर से स्टूडेंट्स ने तय फॉर्मेट में अपनी-अपनी फोटो के साथ मौत के बाद भेजा जाने वाला शोक और श्रद्धांजलि संदेश लिखा असाइनमेंट जमा कर दिया।

प्रोफेसर के खिलाफ एक्शन की मांग

जानकारों की मानें तो इस पूरे मामले में प्रोफेसर के खिलाफ एक्शन की मांग उठने लगी है। आपको बता दें जिस प्राफेसर ने स्टूडेंट्स से शोक संदेश लिखने को कहा है उसका नाम डॉ. भरत प्रबंधन सिद्धांत है। ये Management Principles सब्जेक्ट के टीचर हैं।

स्टूडेंट नेखुद के शोक संदेश में क्या लिखा

यह विश्वास करना कठिन है कि अब आप हमारे साथ नहीं हैं। वह एक खुशमिजाज व्यक्ति थे, जो हमेशा समाज को यथा संभव फायदा पहुंचाने की कोशिश करते थे। वह एक सफल व्यवसायी और अरबपति थे, जिन्होंने कई युवाओं को रोजगार पाने में मदद की।

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उसके लिए सफलता का मतलब अरबपति बनना नहीं है, बल्कि यह है, कि उनके प्रयासों (उनका व्यवसाय) के कारण कितने परिवार अच्छा जीवन जी रहे हैं। वह “अपनी रसोई" और "ला राशन" के मालिक और सीईओ थे।

उन्होंने हर गांव में इस छोटे उद्यम को फैलाया, ताकि गांव की अनपढ़ महिलाएं और पुरुष भी इसमें शामिल हो सकें। आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने बैकवर्ड क्षेत्र में मुफ्त चिकित्सा देखभाल और मुफ्त शिक्षा प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को अनेक छात्रवृत्ति प्रदान की। हमें और पूरे भारत को उन पर गर्व है।

प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग

प्रोफेसर डॉ. अतुल भरत पर कार्रवाई की मांग आपको बता दें इस मामले में पूर्व कार्यपरिषद सदस्य आलोक डावर ने डॉ अतुल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनके अनुसार किसी स्टूडेंट से उसकी खुद की मौत का संदेश लिखवाया जाएगा तो इस स्थिति में उसके माता-पिता पर क्या बीतेगी।

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वहीं, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एचओडी प्रो. कन्हैया आहूजा पहले ही कह चुके हैं, कि इस मामले में संबंधित प्रोफेसर से जवाब मांगा है। जबाव आने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर में प्रोफेसर ने स्टूडेंट्स से लिखवाया खुद की मौत का शोक पत्र, मानव अधिकार आयोग में शिकायत

जानकारी के अनुसार इस मामले की शिकायत मानव अधिकार आयोग से की गई है।

क्या कहना है प्रोफेसर भरत का

इस पूरे मामले में स्टूडेंट्स से खुद का शोक संदेश लिखवाने वाले प्रोफेसर डॉ.अतुल भरत का कहना है, कि करीब 110 स्टूडेंट में से एक छात्रा मात्र ऐसी थी, जिसने इस असाइनमेंट पर आपत्ति ली थी। उसने कहा था, कि मम्मी ने कहा है कि ये सब नहीं लिखना है।

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इस पर उसे न तो डांटा और न ही कुछ कहा। वो क्लास भी अटेंड कर रही है।

ऐसे लेटर क्रिएटिव थिंकिंग का हिस्सा

प्रोफेसर का कहना है कि ये क्रिएटिव थिंकिंग का हिस्सा है। ऐसा कई सालों से चल रहा है। मुझसे एचओडी ने जवाब मांगा गया था। इस पर मैंने उन्हें जवाब दे दिया है।

असाइनमेंट पढ़ाई का तरीका

प्रोफेसर का कहना है कि असाइनमेंट भी पढ़ाई का एक तरीका है। जैसे किसी भी इंटरव्यू में सबसे पहले पूछा जाता है, कि लक्ष्य क्या है। शोक संदेश लिखवाने के पीछे उद्देश्य यही है कि विद्यार्थी ये जाने कि दुनिया उन्हें किस तरीके से याद करे।

उन्होंने कहा कि स्टूडेंट को पता होना चाहिए कि उनका अस्तित्व क्या रहेगा। जब पता ही नहीं होगा कि अस्तित्व क्या रहेगा, तो लाइफ पाथ कैसे डिसाइड होगा।

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