COVID-19: अल्कोहल सूंघने से खत्म होगा कोरोना!, वैज्ञानिकों ने शोध में किया दावा

Alcohol

नई दिल्ली। जब से दुनिया में कोरोना महामारी फैली है, विशेषज्ञ इसे रोकने के लिए मास्क और सैनिटाइजर के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं। सैनिटाइजर में अल्कोहल का मिश्रण होता है। ऐसे में लोग सवाल पूछ रहे थे कि अगर सैनिटाइजर में अल्कोहल मिश्रण करने से और उसे हाथ पर लगाने से कोरोना (Coronavirus) का खातमा हो जाता है, तो क्या अल्कोहल को सीधे-सीधे हाथ में लगाने से या उसे पीने से कोरोना वायरस मर जाएगा?

लोग पहले मीम्स बना रहे थे

लोगों ने इस सवाल को लेकर कई meme भी बनाए। वहीं अब एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि अल्कोहल को सूंघकर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। दरअसल, अमेरिका में पिछले साल से ही ऐसे प्रोयोग किये जा रहे हैं जिसमें अल्कोहल की भाप को दवा के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

वैज्ञानिक तीसरे चरण के नतीजे से काफी उत्साहित है

वैज्ञानिकों ने अल्कोहल की भाप पर रिसर्च किया है और अब तक प्रयोग के तीन चरणों के नतीजे सामने आए हैं। वैज्ञानिक तीन चरणों के नतीजे से काफी उत्साहित हैं। क्योंकि जिन मरीजों ने अल्कोहल की भाप ली थी उन्हें चंद मिनटों में ही सांस लेने में काफी आराम मिल गया।

मंजूरी मिलने पर आ सकती है मेडिकल क्रांति

गौरतलब है कि फेफड़ों के संक्रमण के मामले में अल्कोहल भाप को सूंघने का यह पहला प्रयोग है और वैज्ञानिकों को इसमें पहली बार में ही सफलता मिल गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर इस तकनीक को सार्वजनिक इस्तेमाल की मंजूरी मिल जाए तो यह सचमुच में मेडिकल क्रांति होगी।

कई साइंस जर्नल में इस बात का जिक्र किया गया है

वैज्ञानिकों ने इस शोध को अमेरिका में फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के सेंटर फॉर ड्रग इवैल्युएशन एंड रिसर्च में जारी किया है। इसके अलावा अमेरिका सहित कई और देशों के साइंस जर्नल में भी इस बात का जिक्र है कि अल्कोहल की भाप का असर कोरोना वायरस पर होता है।

नाक के जरिए फेफड़ों तक होता है असर

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ बेसिक एंड क्लिनिकल फार्मैकोलॉजी में छपे डॉ. सैफुल इस्लाम के रिसर्च के मुताबिक इथाइल अल्कोहल यानी एथेनॉल (Ethanol) सूंघने का असर नाक के जरिए फेफड़ों तक होता है। चूंकि कोविड वायरस नाक के जरिए ही गले और फेफड़ों तक पहुंचता है। अल्कोहल की 65 फीसदी मात्रा वाले सॉल्यूशन को एस्पिरिन (Aspirin) के साथ सीधे या ऑक्सीजन के जरिए या फिर ऑक्सीजन एआरडीएस तकनीक से नाक के जरिए सांस के साथ फेफड़े तक पहुंचाया जाता है। ताकि लोगों को संक्रमण से राहत मिले।

अल्कोहल कोरोना की प्रोटीन परत पर हमला करती है

शोधकर्ताओं ने अपने रिसर्च में पाया कि अल्कोहल की भाप का सीधा असर कोरोना वायरस की बाहरी कंटीली प्रोटीन परत पर पड़ता है। वायरस इसी प्रोटीन परत के जरिए इंसानों की कोशिकाओं पर हमला करता है। ऐसे में जिन मरीजों ने ऑक्सीजन के साथ अल्कोहल की भाप ली उनके सांस नली, फेफड़े और नाक के भीतर कोविड वायरस की वजह से जो झिल्लियों में सूजन थी, वो जल्दी ही गलने और सिमटने लगी। उनका सांस लेना आसान हो गया और पहले की तुलना में उनका सेल्फ इम्युनिटी सिस्टम भी ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने लगा।

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