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National Tourism Day: भारत सिर्फ अब होटल और रिज़ॉर्ट तक ही सीमित नहीं रहा है। जब भी हम कहीं बाहर घूमने जानें की सोचते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में आता है होटल कौनसा लें या रिज़ॉर्ट कौनसा अच्छा है। लेकिन हम भूल जाते हैं कि देश की असली आत्मा तो गांवों में बसती है। यही सोच लेकर केंद्र सरकार ने ‘टूरिस्ट विलेज’ योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत ऐसे गांवों को विकसित किया गया है, जहां पर्यटक स्थानीय घरों में ठहरते हैं। इसके साथ ही देसी खाना खाते हैं और गांव की संस्कृति को करीब से जीते हैं।
इन गांवों में न तो पांच सितारा होटल हैं, न ही बनावटी सुविधाएं, लेकिन यहां सब कुछ असली, अपनापन भरा और यादगार होता है। आइए जानते हैं देश के टॉप-10 टूरिस्ट विलेज, जहां घूमना नहीं, जीना सिखाया जाता है।
1. मावली गांव, राजस्थान
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राजस्थान का यह गांव पारंपरिक होमस्टे है। जो लोक नृत्य और राजस्थानी भोजन के लिए जाना जाता है। यहां पर्यटक दाल-बाटी-चूरमा का असली स्वाद लेने के लिए दूर दूर से आते हैं। साथ ही मिट्टी के घरों में ठहरने का भी मौका मिलता है।
2. खोनोमा गांव, नागालैंड
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नागालैंड में स्थित खोनोमा गांव भारत का पहला ग्रीन विलेज हैं। जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ जनजातीय संस्कृति चलती है। जहां स्थानीय लोग अपने घरों में ठहराते हैं और पारंपरिक नागा व्यंजन परोसते हैं।
3. मालाणा गांव, हिमाचल प्रदेश
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हिमाचल प्रदेश का मालाणा गांव अपनी अलग संस्कृति और नियमों के लिए मालाणा है। इसे टूरिस्ट विलेज के रूप में विकसित किया गया है। यहां होमस्टे में ठहरकर हिमाचली खाना और पहाड़ी जीवन को महसूस किया जा सकता है।
4. हेमिस गांव, लद्दाख
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लद्दाख का हेमिस गांव बौद्ध संस्कृति, मठों और जैविक भोजन के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर्यटक स्थानीय परिवारों के साथ रहते हैं इतना ही नहीं पारंपरिक लद्दाखी खाना भी खाते हैं।
5. होडका गांव, गुजरात
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रण उत्सव के पास स्थित गुजरात का होडका गांव कच्छ की लोक कला, मिट्टी के घर और देसी खानपान के लिए जाना जाता है। यहां हस्तशिल्प और लोक संगीत पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं।
6. माजुली गांव, असम
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असम का माजुली गांव दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है। जहां असमिया संस्कृति, सत्त्र नृत्य और सादा लेकिन पौष्टिक भोजन का अनुभव मिलता है। पर्यटक स्थानीय घरों में ठहरते हैं।
7. अरिटार गांव, सिक्किम
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सिक्किम का अरिटार गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह गांव ऑर्गेनिक खेती, बौद्ध संस्कृति और घरेलू भोजन के लिए जाना जाता है। यहां ठहरना शांति का अनुभव देता है।
8. कुमाली गांव, केरल
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केरल का कुमाली गांव आयुर्वेद, बैकवॉटर और पारंपरिक केरल भोजन के लिए मशहूर है। पर्यटकों को केले के पत्ते पर देसी खाना परोसा जाता है।
9. नुब्रा गांव, लद्दाख
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लद्दाख का नुब्रा गांव रेगिस्तान और पहाड़ों के बीच बसे इस गांव में स्थानीय होमस्टे और पारंपरिक खानपान पर्यटकों को अलग अनुभव देता है।
10. छोंगू गांव, पश्चिम बंगाल
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पूर्वोत्तर भारत का यह गांव लेपचा जनजाति की संस्कृति, लोक भोजन और पारंपरिक जीवनशैली को करीब से दिखाता है।
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