India US Trade Deal: भारत ने अमेरिका के लिए क्यों खोला सोयाबीन तेल,दालें, ड्राय फ्रूट और सेब के लिए अपना बाजार, क्या हमारे किसानों को होगा नुकसान ?

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में सोयाबीन तेल, कुछ दालों, ड्राय फ्रूट और सेब पर अमेरिका को सीमित राहत दी गई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित हैं और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।

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India US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील (India US Trade Deal 2026) को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। खासकर यह चर्चा में है कि सोयाबीन तेल, दालें, ड्राय फ्रूट और सेब जैसे उत्पादों पर अमेरिका को राहत क्यों दी गई और क्या इसका असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा। इन सभी मुद्दों पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विस्तार से स्थिति साफ की है।

कृषि और डेयरी सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा है कि इस ट्रेड डील के तहत भारत ने अपने कृषि (Agriculture) और डेयरी (Dairy) सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। उन्होंने दोहराया कि एक भी ऐसा उत्पाद नहीं खोला गया है, जिससे किसानों के हितों को नुकसान पहुंचे। डेयरी, अनाज, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, पोल्ट्री, मूंग दाल, जीएम प्रोडक्ट्स (GM Products) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। Soybean Oil Import India 

पहले से आयात होने वाली चीजों पर ही रियायत

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत ने केवल उन्हीं वस्तुओं पर कैलिब्रेटिड तरीके से छूट दी है, जिन्हे देश पहले से इम्पोर्ट करता आया है। सोयाबीन तेल और कुछ दालें अमेरिका से कांग्रेस सरकार के समय से ही मंगाई जा रही है। इन उत्पादों पर सीमित राहत देने से घरेलू उत्पादन या किसानों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। 

सोयाबीन तेल पर छूट, सोयाबीन पर नहीं

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सोयाबीन को लेकर उठ रहे सवालों पर पीयूष गोयल साफ कहा कि भारत ने सोयाबीन पर टैरिफ छूट नहीं दी है। राहत केवल सोयाबीन ऑयल पर दी गई है। जिसे भारत अमेरिका से पहले ही बड़ी मात्रा में इम्पोर्ट करता आया है। इस आयात को भी कोटा सिस्टम के तहत नियंत्रित किया गया है, ताकि घरेलू किसानों को नुकसान न हो।  

दालों पर भी सीमित आयात नीति 

दालों के मामले में भी पीयूष गोयल ने कहा कि ग्रीन पी, काबुली चना और मूंग दाल जैसी फसलों पर किसी तरह की छूट नहीं दी गई है। जिन दालों का देश में उत्पादन कम है औक जो पहले से इम्पोर्ट किया जा रहा है, उन्हीं पर सीमित राहत दी गई है। 

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सेब पर किसानों को 100 रुपये की सुरक्षा

सेब के इम्पोर्ट के लेकर भी सरकार ने सुरक्षा का सर्किल बनाया है। पीयूष गोयल के अनुसार सेब पर 80 रुपए का इम्पोर्ट प्राइस रखा गया है और इसके ऊपर 20 रुपए का टैरिफ लागू किया है, जिससे भारतीय किसानों को 100 रुपए की सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही अमेरिका को पहले के मुकाबले कम मात्रा में सेब इम्पोर्ट करने का कोटा दिया गया है। 

ड्राय फ्रूट्स पर क्यों मिली राहत

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ट्री नट्स (Dry Fruits) जैसे अखरोट, पिस्ता, काजू और बादाम पर अमेरिका को टैरिफ राहत देने के पीछे पीयूष गोयल ने बताया कि इन सभी चीजों का उत्पादन भारत में कम है इसलिए इन्हें भारत अलग-अलग देशों से इम्पोर्ट करता है। साथ ही बड़ी मात्रा में प्रोसेसिंग के बाद भारत इसे एक्सपोर्ट भी करता है। अमेरिका से थोड़ा ज्यादा इम्पोर्ट होने से घरेलू बाजार पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।   

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अमेरिका करेगा भारत से ज्यादा आयात

इस ट्रेड डील के तहत अमेरिका भारत से बड़ी मात्रा में केला (Banana) आयात करेगा, जिस पर अमेरिका ने जीरो टैरिफ लगाया है। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय किसानों और बागवानी सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा। 

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किसानों और मछुआरों की बढ़ती ताकत

पीयूष गोयल ने कहा कि आज किसान और मछुआरे मिलकर 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा दोगुना होने की क्षमता रखता है। भारत की कृषि गुणवत्ता वैश्विक स्तर पर मजबूत है, इसी वजह से भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग लगातार बढ़ रही है। 

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