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फरवरी से 6 बड़े बदलाव, बढ़े सिगरेट के दाम: अब फास्टैग में KYV वेरिफिकेशन जरूरी नहीं, कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा

फरवरी 2026 छह बड़े बदलाव लेकर आई है। सिगरेट और तम्बाकू प्रोडक्ट्स आज से महंगे हो गए हैं। वहीं आज से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। कमर्शियल गैस सिलेंडर भी महंगा हो गया है।

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BP Shrivastava
February 2026 Big Changes (2)

February 2026 Big Changes: फरवरी 2026 छह बड़े बदलाव लेकर आई है। सबसे बड़ा झटका सिगरेट और तम्बाकू खाने वालों को लगा है। ये दोनों प्रोडक्ट्स आज से महंगे हो गए हैं। वहीं आज से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा 1 फरवरी से 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर 50 रुपए तक महंगा हो गया है।

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वो 6 बड़े बदलाव जिनका असर आमलोगों पर पड़ेगा

1. GST बढ़ा, सिगरेट 40% तक महंगी होंगी

3 सितंबर 2025 को किए गए बदलाव के बाद अब 1 फरवरी से पान मसाला, खैनी और गुटखा जैसे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर 40% GST लगेगा। सेस हटा दिया गया है। अभी तक इन उत्पादों पर 28% GST के साथ 'कंपनसेशन सेस' लगता था। इससे कुल टैक्स 50% से अधिक हो जाता था।
 अब सिगरेट पर उसकी लंबाई के आधार पर नई एक्साइज ड्यूटी भी लागू होगी। ₹2.05 से लेकर ₹8.5 प्रति स्टिक तक ये एक्साइज ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा तंबाकू प्रोडक्ट्स की तरह सिगरेट पर 40% GST भी लगेगा। हालांकि बीड़ी पर राहत देते हुए जीएसटी को 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

यहां बता दें, एक्साइज ड्यूटी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में जुड़ती है। जब सिगरेट कारखाने बनकर निकलती है, तो उस पर एक्साइज ड्यूटी लग चुकी होती है। इसके बाद जब उस पर GST लगाया जाता है, तो वह 'बढ़ी हुई कीमत' (जिसमें एक्साइज शामिल है) पर लगता है। इससे 'टैक्स पर टैक्स' की स्थिति बनती है और फाइनल MRP बढ़ जाती है।

इस बदलाव से रिटेल मार्केट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में 15% से 40% तक का उछाल आ ने की संभावना है। सरकार का यह कदम सरकारी खजाने को भरने की एक प्रयास माना जा रहा है। क्योंकि सितंबर में सरकार ने घरेलू खपत बढ़ाने के लिए कई उत्पादों पर GST में कटौती की थी।

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2. फास्टैग यूजर्स के लिए KYV वेरिफिकेशन जरूरी नहीं

आज से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस जरूरी नहीं होगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है।

नियमानुसार, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए इंतजार नहीं करना होगा।

सिर्फ कंप्लेंट मिलने पर ही होगी जांच

अथॉरिटी के मुताबिक, KYV की प्रोसेस को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, बल्कि इसे 'जरूरत आधारित' बना दिया गया है। अब सिर्फ KYV तभी मांगा जाएगा, जब किसी फास्टैग के गलत इस्तेमाल, गलत तरीके से जारी होने या उसके लूज होने की कोई कंप्लेंट मिलेगी। सामान्य तौर पर काम कर रहे फास्टैग के लिए अब किसी तरह के डॉक्युमेंट की दोबारा मांग नहीं की जाएगी।

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3. कमर्शियल सिलेंडर के रेट 50 रुपए तक बढ़े

February 2026 Big Changes (3)

आज से 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर 50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में इस गैस सिलेंडर की कीमत 49 रुपए बढ़कर ₹1740.50 हो गई है। पहले यह ₹1691.50 में मिल रहा था। वहीं चेन्नई में यह अब 50 रुपए महंगा होकर 1899.50 रुपए में मिलेगा।

4. घट सकती है ब्याज दर 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 4 से 6 फरवरी तक होगी। ये वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी बैठक होगी। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में RBI ब्याज दर 0.25% घटाकर 5% कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो लोन सस्ते होंगे और आपकी EMI भी घट सकती है।

इससे पहले RBI ने 3 से 5 दिसंबर को हुई अपनी पिछली MPC मीटिंग में रेपो रेट 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया था। हालांकि, अगस्त और अक्टूबर में हुई मीटिंग में इसमें काई बदलाव नहीं किया गया।

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5. एविएशन फ्यूल के रेट घटने से हवाई टिकट सस्ता होगा !

फरवरी में हवाई यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। तेल कंपनियों ने एविएशन फ्यूल के दाम करीब 1 हजार रुपए घटा दिए हैं। दिल्ली में फ्यूल के दाम ₹92,323.02 से घटकर ₹91,393.39 प्रति किलोलीटर हो गए हैं।

एविएशन फ्यूल की कीमतों में आई इस कमी से एविएशन कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट कम होगी, जिसका फायदा हवाई टिकटों की कीमत कम होने के रूप में यात्रियों को मिल सकती है।

6. प्रॉपर्टी बेचने- खरीदने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने 1 फरवरी 2026 से संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दिया है। अब रजिस्ट्री के समस खरीदार, विक्रेता और गवाहों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में मौजूद बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी पहचान यानी फिंगरप्रिंट या फेस वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है। हालांकि, ये प्रोसेस मध्यप्रदेश में पहले ये अपनाई जा रही है।

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6. प्रॉपर्टी बेचने- खरीदने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने 1 फरवरी 2026 से संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दिया है। अब रजिस्ट्री के समस खरीदार, विक्रेता और गवाहों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में मौजूद बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी पहचान यानी फिंगरप्रिंट या फेस वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है। हालांकि, ये प्रोसेस मध्यप्रदेश में पहले ये अपनाई जा रही है।

जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े और 'बेनामी' संपत्तियों पर एक तरह से लगाम लगाना है। केंद्र सरकार की योजना 'वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन' के तहत इसे जल्द ही पूरे देश में लागू करने की है।

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