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Digital Janganana: हर बार की तरह इस बार जनगणना कुछ अलग होने वाली है। लगभग 15 साल के बाद हो रही जनगणना में आपको पहली बार ऐसा मौका मिलने वाला है जिससे आप अपनी जानकारी खुद अपने मोबाइल या फिर लैपटॉप से भर सकते हैं। यानी की अब आपको हर बात किसी अधिकारी को बताने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आप खुद घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई एक मीटिंग में जनगणना आयुक्त ने बताया कि, इसके लिए पूरा डिजिटल सिस्टम तैयार किया गया है। ताकि लोगों को सुविधा मिल सके और काम भी जल्दी हो जाए।
जनगणना 2027 के पहले चरण में आम नागरिकों को एक बड़ा डिजिटल ऑप्शन मिलने वाला है। जिससे जनता खुद अपनी जानकारी मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन भर सकेंगे। इसे ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’कहा जा रहा है।
यह हैं इस व्यवस्था के दो बड़े फायदे
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पहला इस प्रोसेस से सरकार को सीधे लोगों से सटीक और फ़र्स्ट-हैंड जानकारी मिल सकेगी। साथ ही फील्ड में काम कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर काम का बोझ कम होगा।
जातिगत जानकारी देने में आसानी
इस बार की जनगणना इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे। कई बार लोग अपनी जाति दूसरे किसी व्यक्ति के सामने बताने में असहज महसूस करते हैं। ऐसे लोगों को भी अब दिक्कत नहीं होगी। वे अब घर बैठे, बिना झिझक ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। ऐसे में सरकार को डेटा भी ज्यादा भरोसेमंद और पूरा मिल सकेगा।
परिसीमन और लोकतंत्र से जुड़ा
अधिकारियों का कहना है कि इस जनगणना के आंकड़ों के आधार पर देशभर में विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का नए सिरे से डिलिमिटेशन भी होगा। यानी की आने वाले वक्त में राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दिशा तय करने में भी यह जनगणना एक अहम भूमिका निभाएगी।
MP में मजरे-टोले और निर्जन बस्तियों पर खास फोकस
मध्यप्रदेश में जनसंख्या बसाहट भी बहुत अलग-अलग तरह की है। यहां करीब 1.27 लाख मजरे-टोले हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुझाव दिया है कि मकान गणना के फॉर्म में मजरे-टोले के लिए अलग कॉलम रखा जाएगा। ताकि आने वाले समय में विकास योजनाएं ज्यादा सटीक तरीके से बनाई जा सकें।
सीएम ने यह भी कहा कि उजड़ी या फिर निर्जन बस्तियों यानी बेचिराग गांव-बस्तियां का भी सही आकलन होना चाहिए। जिससे आगे चलकर इनके लिए भी योजनाएं बनाई जा सकें।
मकानों की गणना में GIS सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे इलाके की भौगोलिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी जुटाई जा सकेगी।
दो चरणों में होगी जनगणना 2027 की प्रक्रिया
पहला चरण हाउस-लिस्टिंग व हाउसिंग जनगणना, मध्यप्रदेश में जिसकी अवधि 1 से 30 मई 2027 रहेगी। इसमें घर-घर जाकर भवन की स्थिति, सुविधाएं और परिसंपत्तियों की जानकारी दर्ज की जाएगी।
दूसरा चरण जनसंख्या गणना व जातिगत आंकड़े, इसकी शुरुआत फरवरी 2027 को होगी। इसमें लोगों की संख्या, सामाजिक और जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्र की जाएगी।
16 भाषाओं में सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल
केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल को 16 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया है। जिसमें हिंदी और अंग्रेज़ी के साथ साथ उर्दू, तमिल, गुजराती, तेलुगु, बंगाली, मराठी, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, नेपाली, कोंकणी, असमिया, मणिपुरी जैसी भाषाओं में भी फॉर्म भरा जा सकेगा।
खुद ऑनलाइन जनगणना कैसे भरें?
यदि आप खुद से अपनी जानकारी भरना करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप यह प्रक्रिया अपना सकते हैं
सबसे पहले सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद मोबाइल नंबर डालकर लॉग-इन करें। फिर जनगणना शेड्यूल में पूछे गए सभी सवालों के जवाब भरें। इसके बाद फॉर्म सबमिट करने के बाद एक रेफरेंस आईडी जेनरेट होगी, जो आपके मोबाइल नंबर पर भेज दी जाएगी। जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपको यह रेफरेंस आईडी उन्हें बतानी होगी। वे आपके भरे हुए डेटा को वेरिफाई कर उसे आधिकारिक डेटाबेस में शामिल कर देंगे।
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