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coronavirus: देश में पांच से 14 साल के बच्चे बने सुपर स्प्रेडर्स, 2020 में स्कूल नहीं होते बंद तो और भीषण होता कोरोना विस्फोट

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Bansal Digital Desk
coronavirus: देश में पांच से 14 साल के बच्चे बने सुपर स्प्रेडर्स, 2020 में स्कूल नहीं होते बंद तो और भीषण होता कोरोना विस्फोट

नई दिल्ली। आज से महीने भर पहले तक लग रहा था जैसे भारत से संक्रमण खत्म हो जाएगा। लेकिन इसी दौरान लोगों की लापरवाही के कारण कोरोना ने देश पर फिर से आक्रमण कर दिया है और अब देश कोरोना के दूसरे स्ट्रेन से जुझ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों की माने तो लापरवाहियां तो एक बड़ी वजह है ही। इसके साथ ही कोरोना ने भारत में घात लगाकर हमला किया है। आप सोचेंगे की कोरोना भला घात लगाकर कैसे फैल सकता है, तो आइए जानते हैं इसपर विशेषज्ञ क्या कहते हैं।

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बच्चों के जरिए देश में फैल रहा है कोरोना

उनकी मानें तो कोरोना ने देश में छोटे बच्चों को स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल किया। देश में जैसे ही स्कूल खुले बच्चों के जरिये कोरोना ने देश भर में फिर से संक्रमण की मजबूत चेन तैयार कर दी। पहले बच्चे संक्रमित हुए और फिर उनका पूरा परिवार। संजयगांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान और केजीएमयू के विशेषज्ञो की माने तो अभी भई अगर बच्चों को बाहर निकलने से नहीं रोका गया तो परिनाम देश में भयावह हो सकते हैं।

पांच से 14 साल के बच्चे बने सुपर स्प्रेडर्स

वहीं बालरोग विशेषज्ञ प्रो. डा. पियाली भट्टाचार्या का कहना है कि रोजाना उनके पास पांच से 14 साल के काफी बच्चे बीमार होकर पहुंच रहे हैं। जिनमें कोरोना के मामूली सिम्टम्स हैं। इससे इन्हें खतरा नहीं है। लेकिन ये अपने अभिभावकों को संक्रमित कर रहे हैं और कोरोना के सुपर स्प्रेडर्स बन गए हैं। जिसे रोकना ही होगा।

बच्चे इससे आनजान होते हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे इस बात से अनजान होते हैं कि वो संक्रमित हैं। क्योंकि ज्यादातर मामलों में उनके नाक से पानी आना, जुकाम, हल्का बुखार इत्यादि ही होता है। परिवार वाले भी उन्हें डॉक्टर के पास ले जाने से पहले घर पर ही उपचार कर लेते हैं। ऐेसे में बच्चा तो ठीक हो जाता है, लेकिन तब तक वो अपने परिवार के सदस्यों को संक्रमित कर चुका होता है।

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स्कूल बंद नहीं होते तो कोरोना विस्फोट और भीषण होता

एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया है कि अगर पिछले साल भारत में स्कूल बंद नहीं होते तो कोरोना विस्फोट और भी ज्यादा भीषण होता। केजीएमयू में पल्मोनरी एंड क्रिटिकल मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डा. वेद प्रकाश कहते हैं कि अच्छा हुआ सरकार ने स्कूल बंद कर दिए।

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