Corona effect : आंकलन से पता करेंगे कितने पढ़े, 35 लाख से अधिक छात्रों का होगा सर्वे

Corona effect

​नई दिल्ली। कोरोना काल के दौरान अगर किसी का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है तो वो हैं छात्र। और उनके इस नुकसान से उबरकर उनकी क्षमता का आंकलन करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि देशभर में कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते स्कूली शिक्षा व छात्रों का जो नुकसान हुआ है उसे लेकर शिक्षा मंत्रालय स्कूल व्यवस्था में कुछ बदलाव करने जा रहा है।

तैयार किया जाएगा रोडमैप
एनसीईआरटी पूरे देश में लाखों छात्रों की मदद से एक रोडमैप तैयार करके स्कूल शिक्षा को हुए नुकसार का आंकलन करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई में काफी नुकसान हुआ है। यही कारण है कि इस भरपाई को पूरा करने के लिए मंत्रालय ने अधिक संस्थानों को ओपन और डिस्टेंस लर्निंग कोर्स की अनुमति देने के लिए मानदंडों में लचीलापन लाने का फैसला किया है। (Distance Learning Course)

35 लाख से अधिक छात्रों का होगा आंकलन
एनसीईआरटी द्वारा करीब 35 लाख से अधिक छात्रों का आंकलन किया जाएगा। एनसीईआरटी यानी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद कक्षा 3, 5, 8 और 10वीं के बच्चों की सीखने की उपलब्धि का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण आयोजित करता है। इसके अलावा एनसीईआरटी द्वारा स्कूलों पर कोविड-19 महामारी के असर को समझने के लिए स्कूलों की सामाजिक—आर्थिक स्थिति पर सर्वेक्षण किया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक स्कूली छात्रों के सीखने की दक्षता का ये आकलन इसी वर्ष नवंबर में हो सकता है।

संख्या ज्ञान पर होगा निष्ठा कार्यक्रम आयोजित
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए प्रारंभिक स्तर के लिए दीक्षा प्लेटफार्म पर एनसीईआरटी ने निष्ठा कार्यक्रम को ऑनलाइन शुरू किया था। 2021-22 में सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी शिक्षकों और प्राथमिक शिक्षकों के लिए मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान पर निष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार व स्कूल प्रमुखों और अध्यापकों की समग्र उन्नति के लिए वहीं एनसीईआरटी ने राष्ट्रीय पहल निष्ठा नामक एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक अभी भी इस पर प्रतिदिन करीब 5 करोड़ हिट हो रहे हैं। कोरोना को ध्यान में रखते हुए खास तौर पर मूक—बधिरों और दृष्टिबाधितों के लिए डिजिटल रूप से सुगम में सूचना प्रणाली वाली वेबसाइट बाय यूट्यूब पर सांकेतिक भाषा नई सामग्री वितरित की जा रहीं।

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