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Samvidhan Diwas: हर साल 26 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस, जानें पूरी कहानी

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Sonu Singh
Samvidhan Diwas: हर साल 26 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस, जानें पूरी कहानी

Samvidhan Diwas: भारत में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस (Constitution Day) मनाया जाता है। संविधान दिवस मनाने का मकसद देश के नागरिकों को संविधान के प्रति सचेत करना और समाज में संविधान के महत्व को बताना है। इस मौके पर संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर (BR Ambedkar) को भी याद किया जाता है।

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ऐसे तो भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था, लेकिन 26 नवंबर 1949 यानी आज ही के दिन इसे अपनाया गया था। इसी वजह से संविधान के महत्व का प्रसार करने के लिए हर साल बड़े ही उत्साह के साथ 26 नवंबर को संविधान दिवस बनाया जाता है।

दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान
भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। दुनिया के कई देशों के संविधानों को परखने के बाद इस संविधान का निर्माण कराया गया। इसकी शुरुआत में एक प्रस्तावना लिखी है, जो संविधान की मूल भावना को दिखाती है।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में संशोधन किया था। प्रस्तावना यानी भारतीय संविधान के जो मूल आदर्श हैं, उन्हें प्रस्तावना के माध्यम से संविधान में शामिल किया गया। इन आदर्शों को प्रस्तावना में उल्लेखित शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

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कैसे लाई गई प्रस्तावना?
संविधान सभा द्वारा संविधान का निर्माण किया गया। संविधान सभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को एक उद्देशिका पेश की। जिसमें बताया गया, किस प्रकार का संविधान तैयार किया जाना है। इसी उद्देशिका से जुड़ा जो प्रस्ताव था वह संविधान निर्माण के अंतिम चरण प्रस्तावना के रूप में संविधान में शामिल किया गया। यही कारण है कि प्रस्तावना को उद्देशिका के नाम से भी जाना जाता है। संविधान की प्रस्तावना को 'संविधान की कुंजी' कहा जाता है।

बीआर अंबेडकर संविधान की ड्रॉफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे। संविधान सभा के सदस्यों का पहला सेशन 9 दिसंबर 1947 को आयोजित हुआ था। इसमें संविधान सभा के 207 सदस्य थे।

संविधान तैयार करने में लगा था 2 साल 11 महीने का समय
जब संविधान लागू हुआ था उस समय इसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे, जो कि बढ़कर 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग हो गए हैं। संविधान में 48 आर्टिकल हैं। इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का समय लगा था। भारत के संविधान में मौलिक सिद्धांत, अधिकार सरकार और नागरिकों के कर्तव्य आदि का जिक्र है।

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