Comedian Munawwar Farooqui: नहीं मिली प्रोग्राम करने की अनुमति, सामने आई ये बड़ी वजह

Comedian Munawwar Farooqui: नहीं मिली प्रोग्राम करने की अनुमति, सामने आई ये बड़ी वजह

नई दिल्ली। Comedian Munawwar Farooqui  पुलिस ने स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को मध्य दिल्ली में कार्यक्रम करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सांप्रदायिक सौहार्द बरकरार रखने के लिए कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार किया गया है। इससे पहले विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने शहर के पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर कार्यक्रम को रद्द करने का अनुरोध किया था।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मध्य जिले की पुलिस ने लाइसेंसिंग इकाई को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उक्त कार्यक्रम से क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है। मध्य दिल्ली के एसपीएम सिविक सेंटर के सी-ब्लॉक स्थित केदारनाथ साहनी प्रेक्षागृह में 28 अगस्त रविवार को फारूकी का कार्यक्रम आयोजित होने वाला था। पुलिस के अनुसार, मध्य जिले की पुलिस ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट लाइसेंसिंग इकाई को सौंपी जिसके बाद कार्यक्रम के लिए उसी दिन अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। अधिकारी ने कहा कि अनुमति देते समय फॉर्म में पहले से लिखा होता है कि अमुक कार्यक्रम से क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द खराब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर लाइसेंसिंग इकाई को कोई जानकारी मिलती है कि इससे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है तो कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति रद्द कर दी जाती है।

विश्व हिंदू परिषद की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर आग्रह किया कि फारूकी के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी जाए। गुप्ता ने पुलिस से कहा कि कार्यक्रम रद्द कर दिया जाए अन्यथा विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता इसके विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के आयोजकों ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

फारूकी का कार्यक्रम रद्द होने की सूचना मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, ‘‘विहिप ने रीढ़विहीन दिल्ली पुलिस पर धौंस जमाने में कामयाबी पाई। मुनव्वर फारूकी का कार्यक्रम रद्द हुआ। गांधीजी ने कहा था, ‘मैं नहीं चाहता कि मेरे घर को चारों तरफ से दीवारों से घेर दिया जाए और खिड़कियां बंद कर दी जाएं।’ क्या आजादी की 75वीं सालगिरह मनाने वाले भारत में सांप्रदायिक सौहार्द इतना नाजुक है कि वह किसी कॉमेडी कार्यक्रम से टूट सकता है।

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