Advertisment

नर्सिंग घोटाले को लेकर CM मोहन सख्त: अब राज्य स्तर पर होगी नर्सिंग स्टूडेंट की परीक्षा, बदलेगा एंट्रेंस का पैटर्न

MP Nursing Ghotala: नर्सिंग घोटाले में CM मोहन का एक्शन: अब राज्य स्तर पर होगी नर्सिंग स्टूडेंट की परीक्षा, बदलेगा एंट्रेंस का पेटर्न

author-image
Preetam Manjhi
नर्सिंग घोटाले को लेकर CM मोहन सख्त: अब राज्य स्तर पर होगी नर्सिंग स्टूडेंट की परीक्षा, बदलेगा एंट्रेंस का पैटर्न

हाइलाइट्स 

  • नर्सिंग घोटाले में CM मोहन यादव सख्त
  • राज्य स्तर पर होगी नर्सिंग स्टूडेंट की परीक्षा
  • सभी दोषियों को किया जाएगा बर्खास्त
Advertisment

MP Nursing Ghotala: मध्यप्रदेश में नर्सिंग घोटाले मामले में CM डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है।

आपको बता दें कि अब इंजीनियरिंग- मेडिकल की तरह नर्सिंग की परीक्षा भी राज्य स्तर पर की जाएगी।

इसके लिए केंद्र के नए नर्सिंग एक्ट के तहत राज्य में आयोग का गठन किया जाएगा।

Advertisment

इसके साथ ही अब नए कॉलेज की मान्यता भी राष्ट्रीय आयोग के ही हाथ में रहेगी।

इस घोटाले (MP Nursing College Scam ) में शामिल घूसखोर अधिकारियों को बर्खास्त किया जाएगा।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1794589278917550199

दोषियों को किया जाएगा बर्खास्त

बता दें कि CM मोहन यादव के निर्देश पर घोटाले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान के लिए मेडिकल एजुकेशन विभाग ने एक स्पेशल रोडमैप तैयार किया है।

Advertisment

जिन्होंने अनफिट नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में मदद की थी उन सभी की पहचान कर वर्तमान पद से बर्खास्त किया जाएगा।

इसके साथ ही नर्सिंग काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार और सचिव पर भी कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में CBI

नर्सिंग कॉलेज घोटाले (MP Nursing Ghotala) मामले में खुद जांच करने वाली देश की सबसे बड़ी और भरोसेमंद CBI एजेंसी के अधिकारी भी फंस गए हैं।

Advertisment

CBI ने नर्सिंग कॉलेजों को उपयुक्त बताते हुए जो रिपोर्ट पेश की थी, वो भी अब सवालों के घेरे में है।

बता दें कि फरवरी 2024 में MP हाई कोर्ट ने CBI की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए ग्वालियर-चंबल अंचल के 5 कॉलेजों को उपयुक्त बताया था।

इन कॉलेजों के स्टूडेंट इसी आधार पर वर्तमान में BSc नर्सिंग की परीक्षा भी दे रहे हैं।

Advertisment

खुला CBI रिपोर्ट का भेद

बताया जा रहा है कि CBI की जांच रिपोर्ट के बाद ग्वालियर के 3 कॉलेजों की जब जांच की गई तो सारा भेद सामने आ गया।

सबसे पुराने नर्सिंग कॉलेज में एक ग्रथम कॉलेज में मैरिज गार्डन खोल लिया गया है। वहीं शिवपुरी लिंक रोड पर स्थित जिन 2 कॉलेजों को जांच रिपोर्ट में सही पाया गया था।

उन कॉलेज का प्रबंधन मेडिकल विश्वविद्याल को पत्र लिखकर कॉलेज बंद करने के लिए आवेदन दे चुके हैं।

Advertisment

जब छान-बीन की गई तो पता चला कि अस्पताल 5 महीने से बंद है। एक कॉलेज में सिर्फ 10 से 12 छात्र ही है। वहीं कॉलेज में न स्टाफ और न ही डॉक्टर है।

ये खबर भी पढ़ें: Ladli Behna Yojana: इस बार 3 या 4 तारीख को नहीं आएंगे लाड़ली बहनों के खातों में पैसे, ट्रांसफर तारीख में अब ये बदलाव

Advertisment
चैनल से जुड़ें