चिंतामण मंदिर में फिर रुका विकास कार्य, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई



चिंतामण मंदिर में फिर रुका विकास कार्य, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई

उज्जैन: जो सबके विघ्न हरते हैं अब उनके ही विकास कार्यों में विघ्न डाले जा रहे हैं और ये विघ्न कोई और नहीं बल्कि इंजीनियर और ठेकेदार डाल रहे हैं। जी हां, उज्जैन के चितामण गणेश मंदिर में इन दिनों विकास कार्य आरोप प्रत्यारोप के बीच रुका हुआ है।

प्राचीन चिंतामण गणेश मंदिर उज्जैन शहर से करीब 8 किमी दूर स्थित है। यहां विघ्नहर्ता गणेश मंदिर परिसर में डेस्टिनेशन मैरिज के लिए करीब 1.80 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए जा रहे हैं और 2019 में यह काम इंदौर के पीजी कंस्ट्रक्शन को ठेके पर दिया गया था। लॉकडाउन की वजह से विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन इन कामों फिर से शुरु करने की बात आई तो मामला विवादों में आ गया है। काम की लेटलतीफी को लेकर ग्रमीण यांत्रिकी विभाग के इंजीनियर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ठेकेदार पर आरोप लगाए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने जिला पंचायत सीईओ को जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि दोनों में से जो भी दोषी होगा उस पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।

1.80 करोड़ रुपए के विकास कार्य विवादों के बीज फस कर रह गए हैं। इंजीनियर और ठेकेदार एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कलेक्टर ने भी कार्रवाई की बात की है। लेकिन विघ्नहर्ता हैं कि सब देख रहे हैं और इन आरोप प्रत्यारोप के बीच बस यही कहा जा सकता है विकास कार्य तब ही शुरु हो पाएगा जब विघ्नहर्ता चाहेंगे।

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