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सूरजपुर में दिल दहलाने वाली घटना: बंद कमरे में कोयला जलाकर सोए परिवार के 3 सदस्यों की दम घुटने से मौत, दंपत्ति और 4 साल के बच्चे ने तोड़ा दम

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में ठंड से बचने के लिए कमरे के अंदर पत्थर कोयला जलाकर सोना एक परिवार को भारी पड़ गया। बंद कमरे में धुआं भरने से पति-पत्नी और उनके चार साल के बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई।

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Harsh Verma
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Surajpur Family Suffocation Death: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के कोट चन्दरपुर गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दम घुटने से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक परिवार ने ठंड से बचने के लिए कमरे के अंदर पत्थर कोयला जलाया था और उसी कमरे में सो गया।

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कमरे में न तो खिड़की थी और न ही कोई रोशनदान। रातभर धुआं कमरे में भरता रहा और तीनों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह जब आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

पति-पत्नी और मासूम बच्चे की मौत

इस हादसे में 28 वर्षीय कवल सिंह, उनकी 25 वर्षीय पत्नी कुंती और उनका चार साल का मासूम बेटा शामिल हैं। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार साधारण जीवन जी रहा था और ठंड से बचने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह इतना घातक साबित होगा।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि सभी परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।

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सर्दी में बरतें सावधानी

विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरे में कोयला या अंगीठी जलाकर सोना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है, जो बिना गंध की होती है और धीरे-धीरे जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे मामलों में कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन होना बेहद जरूरी है।

यह घटना एक चेतावनी भी है कि ठंड से बचाव के उपाय करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।

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