छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: पुणे से पकड़ा गया आयुष सिन्हा उर्फ दीप, करोड़ों के म्यूल अकाउंट लेनदेन का आरोप

छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में ऑनलाइन सट्टा गिरोह चलाने वाले मास्टरमाइंड आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा को सरगुजा पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया है।

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CG Online Betting Racket: छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ चल रही कार्रवाई को बड़ी सफलता मिली है। सरगुजा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा गिरोह के सरगना आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। आयुष सिन्हा पर आरोप है कि वह छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चला रहा था और म्यूल अकाउंट के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रहा था।

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डेढ़ से दो साल से था फरार

पुलिस के अनुसार आयुष सिन्हा बीते डेढ़ से दो साल से फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सरगुजा कोर्ट पहले ही उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी थी और उसके खिलाफ वारंट जारी किया गया था। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के तार जुड़े पाए गए थे।

पूरा मामला 13 मई 2024 को सामने आया था, जब अंबिकापुर में सीएसपी टीम ने जयस्तंभ चौक के पास एक मकान में दबिश देकर ऑनलाइन सट्टा पकड़ा था। उस समय पुलिस ने आयुष सिन्हा के सहयोगियों को मौके से गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य आरोपी आयुष सिन्हा फरार होने में कामयाब हो गया था।

आईपीएल मैच पर चल रहा था ऑनलाइन सट्टा

जांच में सामने आया कि आयुष सिन्हा, अमित मिश्रा, शुभम केशरी और उनके अन्य साथी “स्काई एक्सचेंज” के लिंक के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। यह सट्टा आईपीएल के टी-20 मैच, गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले जा रहे मुकाबले पर लगाया जा रहा था। इस नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में लोगों से पैसे लगाए जा रहे थे।

करोड़ों के ट्रांजैक्शन का खुलासा

पुलिस ने पहले इस मामले में ऋतिक मंदिलवार, नितिन यादव, अमित कुमार मिश्रा, ध्रवील पटेल, मुकेश त्रिपाठी और सत्यम केशरी को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से कई बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और सट्टे से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि दूसरे लोगों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खुलवाए गए थे, जिन्हें सट्टा खेलने और पैसों के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

गंभीर धाराओं में दर्ज है केस

इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471, 120(बी) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) व 66(डी) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। कोर्ट ने आयुष सिन्हा को फरार घोषित करते हुए सख्त रुख अपनाया था।

पुणे में छिपकर रह रहा था आरोपी

फरार आरोपी की तलाश के लिए राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। राहुल बंसल के नेतृत्व में साइबर सेल और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के जरिए आयुष सिन्हा का लोकेशन ट्रेस किया, जो पुणे में मिला।

पुलिस टीम ने पुणे पहुंचकर आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा को हिरासत में लिया और अंबिकापुर लाकर पूछताछ की। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारियां सामने आएंगी।

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