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CG Rozgar Sahayak Dance Controversy: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आयोजित एक स्थानीय फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन समारोह उस समय चर्चा में आ गया, जब उससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह मामला सोनहत ब्लॉक के ग्राम पंचायत पोड़ी का है, जहां प्रतियोगिता के समापन के बाद देर रात सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी फिल्मी गानों पर नाच रहीं डांसरों पर खुलेआम नोट उड़ाते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, वे खुद भी डांसरों के साथ ठुमके लगाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।
10 लाख रुपये में बुलाई गई थी डांस पार्टी
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जानकारी के मुताबिक, इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए कोरबा से एक नाचा पार्टी बुलाई गई थी, जिसमें तीन से चार डांसर शामिल थीं। बताया जा रहा है कि इस पूरी डांस पार्टी को बुलाने के लिए करीब 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे। वीडियो में रोजगार सहायक के साथ पंचायत की महिला सरपंच के पति बहादुर और अन्य लोग भी डांसरों पर नोट उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
समापन कार्यक्रम में मौजूद थे जनप्रतिनिधि
फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में जिला पंचायत सदस्य शिवकुमारी, भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज साहू, भाजपा जिला मंत्री ईश्वर राजवाड़े और जनपद अध्यक्ष आशा सोनपाकर भी शामिल हुए थे। हालांकि कार्यक्रम के औपचारिक समापन के बाद सभी जनप्रतिनिधि वहां से लौट गए थे। इसके बाद रात में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान यह विवादित दृश्य सामने आया।
वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने डांस और नोट उड़ाने के दृश्य को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया और पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, रोजगार सहायक बर्खास्त
वीडियो वायरल होने के बाद जनपद पंचायत सोनहत की सीईओ विमला ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी को बर्खास्त कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां शासकीय मर्यादाओं और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ हैं।
पहले भी विवादों में रहा रोजगार सहायक
यह पहला मौका नहीं है जब जिंदर साय सोनवानी विवादों में आए हों। इससे पहले उन पर इंदिरा आवास योजना के तहत हितग्राहियों से पांच-पांच हजार रुपये वसूलने का आरोप लगा था। जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें पहले भी बर्खास्त किया गया था, हालांकि बाद में उन्होंने कोर्ट से स्टे प्राप्त कर लिया था।
पूर्व विधायक का तीखा बयान
भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान ‘नाचा’ और ‘गम्मत’ जैसी लोकसंस्कृति से है, न कि अश्लीलता से। उन्होंने इसे प्रशासनिक शिथिलता का उदाहरण बताते हुए कहा कि गरियाबंद और सूरजपुर जैसी घटनाओं से सबक नहीं लिया गया।
संस्कृति और प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निगरानी, शासकीय कर्मचारियों की जिम्मेदारी और लोकसंस्कृति की मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोग भी अब इस तरह के आयोजनों पर सख्त नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।
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