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Surajpur Government School Negligence: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भैय्याथान ब्लॉक से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। होली का अवकाश समाप्त होने के बाद गुरुवार को जब बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंचे तो वहां स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला।
बताया जा रहा है कि भैय्याथान ब्लॉक के बैजनाथपुर संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले सांरासांव शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली कक्षाओं के लिए करीब 15 बच्चे स्कूल पहुंचे थे, लेकिन स्कूल बंद मिला।
चार घंटे तक धूप में इंतजार करते रहे बच्चे
स्कूल के गेट पर ताला देखकर बच्चे पहले तो हैरान रह गए। उन्हें उम्मीद थी कि कुछ देर में शिक्षक पहुंच जाएंगे और स्कूल खुल जाएगा। इसी उम्मीद में बच्चे बस्ता लेकर स्कूल के बाहर इंतजार करते रहे।
समय बीतता गया, लेकिन दोपहर दो बजे तक भी कोई शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचा। करीब चार घंटे तक धूप में इंतजार करने के बाद आखिरकार बच्चे मायूस होकर अपने-अपने घर लौट गए। इस घटना ने इलाके में सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से की शिकायत
स्कूल बंद होने और शिक्षकों के नहीं पहुंचने की जानकारी स्थानीय निवासी नेहा सिंह को मिली। उन्होंने तुरंत इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से की।
इसके अलावा उन्होंने जिले के कलेक्टर एस जयवर्धने को भी पूरे मामले से अवगत कराया। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
पांच शिक्षक पदस्थ, फिर भी स्कूल बंद
जब स्कूल का रिकॉर्ड खंगाला गया तो और भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। रिकॉर्ड के अनुसार इस स्कूल में कुल पांच शिक्षक पदस्थ हैं।
जानकारी के मुताबिक सभी शिक्षकों ने एक साथ आकस्मिक अवकाश के लिए आवेदन दिया था, लेकिन इनमें से किसी भी आवेदन को औपचारिक मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बावजूद सभी शिक्षक स्कूल से अनुपस्थित रहे।
प्रधान पाठक पर भी अनियमितता के आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूल के प्रधान पाठक संजय गुप्ता पिछले कई वर्षों से अनियमित रूप से स्कूल आते हैं। बताया जाता है कि करीब पांच सालों से उनकी उपस्थिति नियमित नहीं रही है।
जब इस संबंध में शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची थी तो कुछ समय तक वे नियमित रूप से स्कूल आने लगे थे, लेकिन बाद में फिर से वही स्थिति बन गई।
अलग-अलग कारण बताकर मांगा गया अवकाश
जानकारी के अनुसार स्कूल में पदस्थ शिक्षिका प्रीति टोप्पो और ईशा खलको ने मुख्यालय से बाहर जाने के लिए एक दिन का ऐच्छिक अवकाश मांगा था।
वहीं शिक्षक रमेश कुमार चेस्कर ने घरेलू काम का हवाला देते हुए दो दिनों की छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। शिक्षक अजीत कुमार चंद्रा ने अपने बच्चे को टीका लगवाने के लिए अंबिकापुर जाने का कारण बताते हुए एक दिन का अवकाश मांगा था।
इसके अलावा प्रधान पाठक संजय गुप्ता ने बुखार आने का हवाला देकर छुट्टी का आवेदन दिया था।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
घटना सामने आने के बाद जिले के कलेक्टर एस जयवर्धने ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि पूरे मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
यह घटना एक बार फिर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करती है।
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