मैनपाट के सरकारी स्कूल में नशे में मिले मास्टर साहब, बोले- 'बस 20 रुपये की देसी पी है', देखें वीडियो

सरगुजा के मैनपाट में एक सरकारी शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंचा और बच्चों को पढ़ाता मिला। वीडियो वायरल होने पर शिक्षक ने 20 रुपये की महुआ शराब पीने की बात कबूल की। शिक्षा विभाग ने मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

CG Drunk Teacher

CG Drunk Teacher

CG Drunk Teacher:छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंच गया और बच्चों को पढ़ाता रहा। जब ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने शिक्षक से सवाल किया, तो उसने कैमरे के सामने शराब पीने की बात स्वीकार कर ली।

'लंच में 20 रुपये की देसी पिया हूं'

शिक्षक ने कैमरे पर कहा कि उसने लंच ब्रेक के दौरान केवल 20 रुपये की आधा गिलास महुआ शराब पी थी। उसने यह भी कहा कि स्कूल में स्टाफ की भारी कमी है, इसलिए वह अकेले ही पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ा रहा था। वीडियो बनते देख शिक्षक घबरा गया और अपनी गलती मानते हुए कान पकड़कर उठक-बैठक लगाने लगा तथा माफी मांगने लगा। 

स्कूल में मौजूद बच्चों ने बताया कि संबंधित शिक्षक अक्सर नशे की हालत में स्कूल आता है और उसी हालत में पढ़ाई कराता है। जिस दिन की यह घटना है, उस दिन स्कूल की प्रधान पाठिका अवकाश पर थीं और दूसरा शिक्षक स्कूल ही नहीं पहुंचा था। ऐसे में नशे में धुत शिक्षक के भरोसे पूरे स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे थे।

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वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जब इस मामले की जानकारी मैनपाट विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दी गई, तो उन्होंने फोन पर शिक्षक द्वारा गलती स्वीकार करने की पुष्टि की। अधिकारी ने बताया कि संबंधित शिक्षक को पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन इस बार मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। Surguja News 

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शिक्षा विभाग की छवि पर सवाल

यह घटना न सिर्फ शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूलों की निगरानी व्यवस्था की पोल भी खोलती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।

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