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CG School Education
CG School Education News: छत्तीसगढ़ के सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के तय कैलेंडर के अनुसार इन परीक्षाओं को हर हाल में 20 जनवरी तक पूरा किया जाना है। इसी बीच लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे स्कूलों की परेशानी बढ़ गई है। DPI ने साफ निर्देश दिया है कि प्री-बोर्ड परीक्षाएं 15 जनवरी तक हर हाल में पूरी की जाएं।
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छुट्टियों और आदेश के बीच फंसे प्राचार्य और शिक्षक
DPI का यह आदेश 3 जनवरी को जारी किया गया, जबकि 4 और 5 जनवरी को अवकाश रहा। छुट्टियों के तुरंत बाद प्रैक्टिकल परीक्षाओं के बीच प्री-बोर्ड परीक्षा कराने के निर्देश से प्राचार्य और शिक्षक असमंजस में हैं। शिक्षकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्रैक्टिकल और प्री-बोर्ड परीक्षाओं को एक साथ कैसे मैनेज किया जाए, क्योंकि दोनों के लिए अलग-अलग तैयारी और समय की जरूरत होती है।
छात्रों पर बढ़ा मानसिक दबाव
जिन छात्रों की प्री-बोर्ड परीक्षा ली जानी है, वे इस समय प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। कई स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू भी हो चुकी हैं और 20 जनवरी तक चलेंगी। ऐसे में 15 जनवरी तक प्री-बोर्ड परीक्षा पूरी करने का दबाव छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक बोझ डाल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि प्रैक्टिकल के बीच प्री-बोर्ड की तैयारी करना छात्रों के लिए आसान नहीं होगा।
जल्दी बोर्ड परीक्षा और SIR ड्यूटी से बिगड़ा शैक्षणिक संतुलन
इस साल छत्तीसगढ़ बोर्ड ने 1 मार्च के बजाय 20 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। इसके अलावा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे SIR कार्य में भी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसका सीधा असर पढ़ाई पर पड़ा है। कई स्कूलों में कोर्स अभी पूरा नहीं हो पाया है, जबकि प्रैक्टिकल और प्री-बोर्ड परीक्षाएं एक के बाद एक शुरू हो चुकी हैं।
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शिक्षक निभाएंगे आदेश, लेकिन असर छात्रों पर
शिक्षकों का कहना है कि वे किसी तरह आदेश का पालन तो कर लेंगे, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को होगी। अधूरे कोर्स, प्रैक्टिकल परीक्षा और अब प्री-बोर्ड—तीनों का दबाव एक साथ पड़ने से छात्रों की तैयारी प्रभावित हो सकती है। स्कूल स्तर पर उम्मीद की जा रही थी कि प्रैक्टिकल परीक्षा के बाद प्री-बोर्ड होंगे, लेकिन DPI के ताजा आदेश ने पूरी व्यवस्था को उलझा दिया है।
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