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रायपुर के मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में आरटीई बच्चों से कराई मजदूरी: सीमेंट-रेत ढुलवाने और पुताई कराने का आरोप, जांच समिति गठित

रायपुर जिले के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ने वाले बच्चों से मजदूरी कराने का गंभीर मामला सामने आया है।

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Harsh Verma
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Raipur RTE Students Labour Case: राजधानी रायपुर के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल एक गंभीर विवाद में घिर गया है। स्कूल की प्राचार्य पर आरोप लगा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत अध्ययन कर रहे बच्चों से स्कूल परिसर में मजदूरी कराई गई। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों ने कलेक्टर जनदर्शन पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गया है।

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अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों से पढ़ाई के बजाय श्रम वाले काम करवाए गए, जिससे बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। शिकायत सामने आते ही शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सीमेंट-रेत ढुलवाने और पुताई कराने का आरोप

कलेक्टर को सौंपी गई शिकायत में अभिभावकों ने बताया कि आरटीई के तहत पढ़ रहे विद्यार्थियों से स्कूल में सीमेंट और रेत ढुलवाने के साथ-साथ कक्षाओं की पुताई जैसे कार्य कराए गए। परिजनों का कहना है कि यह काम बच्चों की क्षमता और नियमों के पूरी तरह खिलाफ है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जब बच्चों ने ऐसे काम करने से मना किया तो उन्हें स्कूल से निकालने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) काटने की धमकी दी गई। इससे बच्चे मानसिक दबाव में आ गए थे।

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अभिभावकों से दुर्व्यवहार का भी आरोप

परिजनों के अनुसार जब वे इस मामले में बातचीत करने स्कूल पहुंचे तो प्राचार्य विधु शर्मा ने उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया। अभिभावकों का आरोप है कि प्राचार्य ने कहा कि बच्चों को मुफ्त में बैग, किताबें और बिजली की सुविधा मिल रही है, इसलिए शिकायत करने की जरूरत नहीं है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि स्कूल की एक कक्षा का उपयोग प्राचार्य अपने पति के साथ आवास के रूप में कर रही हैं। अभिभावकों ने बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर कलेक्टर को सौंपे हैं।

प्रशासन हरकत में, जांच समिति का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को जांच के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

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समिति में सहायक संचालक योजना लता बेक को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि हरेंद्र सिंह (बीईओ, सूरजपुर) और पुष्पा राय (प्राचार्य, सेजेस जयनगर) को सदस्य नियुक्त किया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

डीईओ अजय मिश्रा ने स्पष्ट कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्राचार्य ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं स्कूल की प्राचार्य विधु शर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह शिकायत द्वेषवश की गई है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए प्रशासनिक जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है।

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