रायपुर शिक्षक भर्ती मांग: मंत्रालय का घेराव करने निकले डीएड कैंडिडेट्स, पुलिस ने ट्रक को बैरिकेड बनाकर रोका

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर डीएड कैंडिडेट्स ने 13 फरवरी को मंत्रालय घेराव के लिए कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें ट्रक को बैरिकेड के रूप में खड़ा करके रोक दिया। जिससे तनाव की स्थिति बन गई।

Raipur Ded Candidates Demand

Raipur Ded Candidates Demand: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर डीएड कैंडिडेट्स ने शुक्रवार, 13 फरवरी को मंत्रालय घेराव के लिए कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें ट्रक को बैरिकेड के रूप में खड़ा करके रोक दिया। जिससे तनाव की स्थिति बन गई।

यहां बता दें, ये डीएड कैंडिडेट्स शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर दो महीने से आमरण अनशन कर रहे हैं।

हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पालन नहीं

जानकारी के अनुसार शिक्षक भर्ती के कैंडिडेट्स लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और लंबित पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका आमरण अनशन तूता धरना स्थल पर जारी है। कैंडिडेट्स का कहना है कि वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक शासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

Raipur Ded Candidates Demand
रायपुर में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर मंत्रालय का घेराव करने जाते डीएड कैंडिडेट्स।

कैंडिडेट्स के मंत्रालय घेराव की घोषणा के बाद प्रशासन पहले से अलर्ट था। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही कैंडिडेट्स ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकते हुए बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान कैंडिडेट्स नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे। कैंडिडेट्स ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सुप्रीम आदेश, पर भर्ती शुरू नहीं

 कैंडिडेट्स का आरोप है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग रिक्त पदों लगभग 2300 पर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं कर रही है। वहीं प्रशासन ने कैंडिडेट्स से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

क्या है पूरा मामला ?

नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर करीब दो महीने से डीएड कैंडिडेट्स का आमरण अनशन जारी है। यह आंदोलन सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के शेष रिक्त पदों लगभग 1300-2300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा है। कैंडिडेट्स का आरोप है कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकार ने इन पदों पर नियुक्ति नहीं की, जबकि पहले बीएड धारकों को बर्खास्त कर डीएड वालों को अवसर दिया जाना था।

Raipur Ded Candidates Demand
रायपुर में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर मंत्रालय का घेराव करने जाते डीएड कैंडिडेट्स का समझाइश देती पुलिस।

इतने दिनों से क्यों मौन हैं शिक्षा मंत्री?

आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया है कि शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और शिक्षा विभाग के अधिकारी इतने दिनों से क्यों मौन हैं ?
क्या हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों (जैसे अप्रैल 2024, सितंबर 2025, अगस्त 2024) की अनदेखी हो रही है? अनशन के दौरान यदि किसी कैंडिडेट की मौत हो जाती है तो जिम्मेदार कौन होगा ? 

ये भी पढ़ें:  जगदलपुर नगर निगम: अवैध नल कनेक्शन धारकों पर होगी सख्त कार्रवाई, 17 फरवरी से अभियान, बकायादारों के भी कटेंगे कनेक्शन

160 से अधिक कैंडिडेट्स की बिगड़ चुकी तबीयत

यह भर्ती विवाद पुराना है। पिछले तीन साल से हक की लड़ाई जारी है। कोर्ट ने प्राथमिक स्तर पर डीएड को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद बीएड शिक्षकों की बर्खास्तगी हुई, लेकिन शेष पदों पर नियुक्ति में देरी से डीएड कैंडिडेट सड़कों पर उतर आए हैं। अनशन के कई दिनों में 160 से अधिक कैंडिडेट्स की तबीयत बिगड़ चुकी है, कई अस्पताल में भर्ती हैं। हाल ही में कैंडिडेट्स ने शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव भी किया, जहां पेट्रोल लेकर आत्मदाह की कोशिश तक की। कांग्रेस नेता और अन्य भी समर्थन में पहुंचे।

ये भी पढ़ें:  कोरबा में 5 फीट का नाग: राजस्व कॉलोनी में फन फैलाकर बैठे सांप ने रोका लोगों का रास्ता, जानें कैसे पकड़ा गया

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article