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कवर्धा में घर वापसी: 65 आदिवासियों ने फिर अपनाया सनातन धर्म, विधायक भावना बोहरा ने धोए ग्रामीणों के पैर, प्रलोभन पर भारी पड़ी आस्था

छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में 65 लोगों ने सनातन धर्म में घर वापसी की। इलाज और प्रलोभन के कारण धर्म परिवर्तन करने वाले इन ग्रामीणों का विधायक ने पैर धोकर स्वागत किया।

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Vikram Jain
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Kawardha Ghar Wapsi Sanatan Dharma: छत्तीसगढ़ कवर्धा जिले के वनांचल क्षेत्र पंडरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम दमगढ़ में आस्था और संस्कृति के संरक्षण का एक बड़ा दृश्य देखने को मिला। यहाँ आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रलोभन और गुमराह होकर धर्म परिवर्तन कर चुके 65 आदिवासियों ने स्वेच्छा से अपने मूल सनातन धर्म में घर वापसी की। क्षेत्रीय विधायक भावना बोहरा ने इस अवसर पर उपस्थित होकर परंपरागत रीति-रिवाज से वापस लौटे लोगों के चरण धोए और उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया।

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65 आदिवासियों ने छोड़ा ईसाई धर्म 

छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) जिले के सुदूर वनांचल कुकदूर क्षेत्र में धर्मांतरण के विरुद्ध एक बड़ी सफलता मिली है। पंडरिया विधानसभा के दमगढ़ गांव में आयोजित एक धार्मिक एवं सामाजिक समागम के दौरान 65 लोगों ने ईसाई धर्म त्याग कर पुनः हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय लिया। इन लोगों ने स्वीकार किया कि पूर्व में उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज और बेहतर जीवन की सुविधाओं का लालच देकर गुमराह किया गया था।

विधायक भावना बोहरा ने पैर धोकर किया शामिल

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची पंडरिया विधायक भावना बोहरा (Pandariya BJP MLA Bhawna Bohra) ने घर वापसी करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने हिंदू परंपरा के अनुसार उनके चरण पखारे और गंगाजल छिड़क कर उन्हें सनातन धर्म की दीक्षा दिलाई। विधायक ने कहा कि हमारे भोले-भाले आदिवासी भाइयों को सेवा के नाम पर धर्म से दूर करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन अब समाज जागरूक हो रहा है।

इलाज और शिक्षा के नाम पर हुआ था छल

घर वापसी करने वाले ग्रामीणों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब वे संकट या बीमारी में थे, तब कुछ मिशनरी समूहों ने उन्हें मुफ्त इलाज और बच्चों की शिक्षा का लालच देकर ईसाई धर्म की ओर धकेल दिया था। हालांकि, समय बीतने के साथ उन्हें अपनी जड़ों से कटने का अहसास हुआ और उन्होंने बिना किसी दबाव के अपने मूल पूर्वजों के धर्म में लौटने की इच्छा जताई।

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6 माह में 250 से अधिक की वापसी

विधायक भावना बोहरा ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले छह महीनों के भीतर ही पंडरिया और आसपास के वनांचल क्षेत्रों से 250 से अधिक लोग वापस सनातन धर्म की शरण में आ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वनांचल क्षेत्रों में संगठित तरीके से आदिवासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए वे और उनकी टीम निरंतर प्रयासरत है।

सामाजिक एकता और जागरूकता की अपील

कार्यक्रम के अंत में एक धार्मिक अनुष्ठान किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। विधायक बोहरा ने प्रशासन से मांग की कि वनांचल क्षेत्रों में चल रहे अवैध धर्मांतरण के खेल पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे किसी भी प्रलोभन या दबाव में आकर अपनी पहचान और संस्कृति का त्याग न करें।

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