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रायपुर रेंज पुलिस की बड़ी कामयाबी: एम्बुलेंस से 520 किलो गांजा जब्त, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत रायपुर रेंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन ‘निश्चय’ में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और महासमुंद पुलिस ने एम्बुलेंस से तस्करी किया जा रहा 520 किलो गांजा जब्त किया है।

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Harsh Verma
Chhattisgarh Ganja Smuggling

Chhattisgarh Ganja Smuggling: छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ छेड़ी गई जंग लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में रायपुर रेंज पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और महासमुंद पुलिस की संयुक्त टीम ने एम्बुलेंस के जरिए की जा रही गांजा तस्करी का पर्दाफाश करते हुए 520 किलो अवैध गांजा जब्त किया है। यह कार्रवाई थाना कोमाखान क्षेत्र में की गई, जिसने अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क की जड़ों को हिला दिया है।

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एम्बुलेंस की आड़ में तस्करी

पुलिस जांच में सामने आया है कि तस्कर ओडिशा से महाराष्ट्र के पुणे इलाके तक गांजा पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल कर रहे थे। इसका मकसद पुलिस जांच से बचना और शक से दूर रहना था। जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले ने यह भी दिखा दिया है कि तस्कर किस हद तक जाकर कानून को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं।

पूरी सप्लाई चेन का खुलासा

इस एनडीपीएस एक्ट के मामले में पुलिस ने केवल गांजा जब्त करने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि थोक खरीदार से लेकर बैकवर्ड लिंक सप्लायर तक पूरी सप्लाई चेन (End-to-End Operation) को उजागर किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों में 1 मुख्य थोक खरीदार, 2 खुदरा बिक्रीकर्ता, 1 परिवहन सरगना, 4 परिवहनकर्ता और 1 मुख्य सप्लायर शामिल है।

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महाराष्ट्र और ओडिशा तक फैला नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र और ओडिशा तक फैला हुआ था। महाराष्ट्र के पुणे निवासी रामदास चंदू सोनवाने को मुख्य थोक खरीदार के रूप में गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसका पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके दोनों बेटे भी उसके निर्देश पर गांजा वितरण नेटवर्क में सक्रिय थे। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़ी करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति चिन्हित की है, जिसे SAFEMA के तहत अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सोशल मीडिया से बना तस्करी का नेटवर्क

गांजा परिवहन नेटवर्क के मुख्य सरगना आकाश जाधव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बीते एक साल में उसने कम से कम 6 बार गांजा ट्रांसपोर्ट किया। आकाश जाधव सोशल मीडिया पर “Sarpmitra Akash Jadhav” नाम से सक्रिय था और उसके लाखों फॉलोअर्स थे। पुलिस ने उसकी करीब 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति भी चिन्हित की है।

ओडिशा के कालाहांडी जिले से गांजा संग्रह कर सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी रंजन दुर्गा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यही व्यक्ति इस नेटवर्क को कच्चा माल उपलब्ध कराता था।

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कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

इस पूरे मामले में थाना कोमाखान में अपराध क्रमांक 03/2026 के तहत धारा 20(ख)(2)(सी), 29 एनडीपीएस एक्ट तथा 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। महासमुंद पुलिस ने बताया कि विवेचना अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी गोपनीय रूप से पुलिस या एएनटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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