/bansal-news/media/media_files/2026/02/16/cg-new-excise-policy-2026-02-16-13-49-41.jpg)
CG New Excise Policy: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार (Vishnu Deo Sai Government) ने राज्य की नई आबकारी नीति (Excise Policy) में बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सीधा फायदा होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों को मिलेगा। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा।
नई नीति के तहत लाइसेंस फीस और बैंक गारंटी की शर्तों में राहत दी गई है, जिससे अब बार खोलना पहले के मुकाबले सस्ता और आसान हो जाएगा।
लाइसेंस फीस में 6 लाख रुपये की कमी
सरकार ने उन शहरों के लिए बड़ा फैसला लिया है जिनकी आबादी 7 लाख से अधिक है। ऐसे शहरों में FL-2 (क) और FL-3 (क) श्रेणी के बार के लिए लाइसेंस शुल्क को 24 लाख रुपये से घटाकर 18 लाख रुपये कर दिया गया है। यानी सीधे 6 लाख रुपये की राहत।
इस फैसले से खासतौर पर बड़े शहरों के होटल और क्लब संचालकों को राहत मिलेगी। व्यापारिक संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है।
बैंक गारंटी में भी राहत
सिर्फ लाइसेंस फीस ही नहीं, बल्कि अनिवार्य बैंक गारंटी (Bank Guarantee) की राशि भी कम कर दी गई है। इससे नए कारोबारियों पर शुरुआती आर्थिक बोझ घटेगा। सरकार का मानना है कि इससे नए निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी और राज्य में बार व आतिथ्य उद्योग का विस्तार होगा।
थ्री-स्टार होटलों को भी फायदा
नई नीति में तीन सितारा और उससे ऊपर की श्रेणी के होटलों को भी राहत दी गई है। क्लबों के साथ-साथ थ्री-स्टार और उच्च श्रेणी के होटल संचालकों की लाइसेंस फीस में कमी की गई है। इससे पर्यटन उद्योग को भी बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रायपुर एयरपोर्ट पर बार की अनुमति
इस नीति का सबसे चर्चित पहलू रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा (Swami Vivekananda Airport Raipur) है। साल 2026-27 के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत एयरपोर्ट पर बार खोलने की अनुमति दी गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद यात्री एयरपोर्ट के रेस्टोरेंट में विदेशी शराब का आनंद ले सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा और राज्य की छवि एक आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में मजबूत होगी।
समय सीमा में कोई बदलाव नहीं
हालांकि सरकार ने फीस और नियमों में राहत दी है, लेकिन बार संचालन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रदेश में सभी बार सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही संचालित होंगे। समय-सीमा को लेकर पहले जैसी सख्ती बरकरार रहेगी।
‘Ease of Doing Business’ पर जोर
सरकार का कहना है कि यह कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इससे आबकारी राजस्व (Excise Revenue) बढ़ने के साथ-साथ पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us