पांच दिन में दूसरी बार ट्रैफिक जाम में फंसे राज्यपाल रमेन डेका: रायपुर के टाटीबंध में ट्रक पलटने से अफरा-तफरी, सेफ हाउस में रोका गया काफिला

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका को पाँच दिन के भीतर दूसरी बार ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। दुर्ग दौरे के बाद रायपुर लौटते समय टाटीबंध के पास हाईवे पर ट्रक पलटने से भारी जाम लग गया।

Chhattisgarh Governor Traffic Jam

Chhattisgarh Governor Traffic Jam: छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राज्य के राज्यपाल रमेन डेका को पाँच दिन के भीतर दूसरी बार सड़क जाम का सामना करना पड़ा। गुरुवार को वे दुर्ग जिले के दौरे पर थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वे राजधानी रायपुर के लिए रवाना हुए, तभी टाटीबंध के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण ट्रैफिक जाम की सूचना मिली।

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग पर राखड़ से लदा एक ट्रक अचानक पलट गया। ट्रक पलटते ही सड़क पर लंबी कतारें लग गईं और दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। जब तक दुर्ग पुलिस को इस हादसे की जानकारी मिली, तब तक राज्यपाल का काफिला रायपुर की ओर निकल चुका था।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में जमीन-मकान खरीदने वालों के लिए बड़ा बदलाव: संपत्ति गाइडलाइन दरों के संशोधन को मंजूरी, 30 जनवरी 2026 से नई दरें होंगी लागू

वीवीआईपी मूवमेंट की खबर से मचा हड़कंप

देखें VIDEO : टाटीबंध में जाम, दोनों ओर गाड़ियों की कतार, हफ्तेभर में दूसरी  बार राज्यपाल फंसे

जैसे ही पुलिस अधिकारियों को यह जानकारी मिली कि उसी रास्ते से राज्यपाल का काफिला गुजरने वाला है, प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल दुर्ग पुलिस ने रायपुर पुलिस से संपर्क किया। हालांकि, यह स्पष्ट हो गया कि राज्यपाल के काफिले के मौके पर पहुंचने से पहले ट्रक हटाना संभव नहीं होगा।

सेफ हाउस में रोका गया काफिला

स्थिति की गंभीरता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने सेफ हाउस की रणनीति अपनाई। कुम्हारी के आगे स्थित पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के गेस्ट हाउस को सेफ हाउस के रूप में चिन्हित किया गया। कंट्रोल रूम के निर्देश पर पायलट गाड़ी को फोन कर राज्यपाल के काफिले को उसी दिशा में मोड़ दिया गया। इसके बाद राज्यपाल की गाड़ी में सवार एडीसी को भी पूरे हालात की जानकारी दी गई।

राज्यपाल रमेन डेका करीब 20 मिनट तक गेस्ट हाउस में रुके रहे। ट्रक हटने और ट्रैफिक क्लियर होने की सूचना मिलने के बाद ही उनका काफिला रायपुर के लिए रवाना हुआ।

पहले भी जाम में फंसे थे राज्यपाल

यह पहला मौका नहीं है जब राज्यपाल को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले 25 जनवरी को भी उन्हें दुर्ग जाना था, लेकिन टाटीबंध क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम के कारण वे राजभवन रायपुर से निकल ही नहीं सके थे। उस दिन जाम हटने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया था और राज्यपाल को राजभवन में ही इंतजार करना पड़ा था।

क्या होता है सेफ हाउस?

राज्यपाल और मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी के सड़क मार्ग से आवागमन के दौरान हर 20 किलोमीटर की दूरी पर सेफ हाउस चिन्हित किए जाते हैं। किसी भी आपात स्थिति चाहे वह सुरक्षा से जुड़ी हो या स्वास्थ्य से, ऐसे में वीवीआईपी को तत्काल सेफ हाउस में ठहराया जा सके। आमतौर पर ये सरकारी गेस्ट हाउस, प्रशासनिक भवन या महत्वपूर्ण कार्यालय होते हैं।

पांच दिन में तीसरी बार दुर्ग संभाग दौरा

गौरतलब है कि राज्यपाल रमेन डेका पिछले पाँच दिनों में तीसरी बार दुर्ग संभाग के दौरे पर थे। इस दौरान उनके दो कार्यक्रम दुर्ग में और एक कार्यक्रम खैरागढ़ में आयोजित हुआ था। खैरागढ़ जाते समय भी वे दुर्ग मार्ग से ही होकर गुजरे थे।

ट्रैफिक व्यवस्था पर फिर सवाल

लगातार वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक जाम की घटनाएं सामने आने से हाईवे प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि जब राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को बार-बार जाम का सामना करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ पुलिस ट्रांसफर: 16 एडिशनल एसपी के तबादले, नक्सल प्रभावित इलाकों से लेकर मुख्यालय तक बदली जिम्मेदारियां

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article