/bansal-news/media/media_files/2026/01/25/qw-2026-01-25-08-36-48.png)
Chhattisgarh CD Scandal: छत्तीसगढ़ के सीडी कांड में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है। रायपुर session court ने CBI की रिव्यू पिटिशन को मंजूर करते हुए लोअर कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel को आरोपों से बरी कर दिया गया था। अब इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ नियमित ट्रायल चलेगा और भूपेश बघेल को दोबारा कोर्ट में पेश होना होगा।
मार्च 2025 में मिला था बरी होने का फैसला
CBI की विशेष लोअर कोर्ट ने मार्च 2025 में भूपेश बघेल को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था। कोर्ट का कहना था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। इस फैसले के खिलाफ Central Bureau of Investigation ने रायपुर सेशन कोर्ट में रिव्यू याचिका दाखिल की थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
बचाव पक्ष की दलीलें नहीं आईं काम
इससे पहले भूपेश बघेल की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने अदालत में पक्ष रखा था। उन्होंने दलील दी थी कि भूपेश बघेल को झूठे मामले में फंसाया गया है। न तो उन्होंने सीडी बनवाई और न ही उसका वितरण किया, और किसी तरह का अपराध नहीं किया। हालांकि सेशन कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
मुरारका और विनोद वर्मा को भी राहत नहीं
मामले में कारोबारी कैलाश मुरारका और पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भी खुद को आरोपों से मुक्त करने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन सेशन कोर्ट ने उनके आवेदन खारिज कर दिए। कोर्ट ने कहा कि दोनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा।
ये हैं केस के आरोपी
इस केस में भूपेश बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांड्या आरोपी हैं। वहीं एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने मामले के सामने आने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
राजनीति का टर्निंग पॉइंट बना था सेक्स सीडी कांड
सितंबर 2018 में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा की गिरफ्तारी से छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया था। उस वक्त विधानसभा चुनाव में केवल तीन महीने बाकी थे। भूपेश बघेल ने जमानत लेने से इनकार कर दिया था, जिसे उनके राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट माना गया।
राज्यभर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और “मैं भी भूपेश हूं” के नारे के साथ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। कुछ समय बाद भूपेश बघेल जेल से रिहा हुए और उसी साल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 68 सीटों के साथ बड़ी जीत दर्ज की।
क्या है छत्तीसगढ़ का सीडी कांड
अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ में एक कथित अश्लील सीडी सामने आई थी, जिसे तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से जोड़कर देखा गया। आरोप था कि वीडियो से छेड़छाड़ कर सीडी तैयार की गई और इसके जरिए ब्लैकमेलिंग की कोशिश हुई।
भाजपा नेता प्रकाश बजाज ने 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। FIR में ब्लैकमेलिंग और पैसे की मांग का जिक्र था। जांच के दौरान पुलिस और CBI दिल्ली तक पहुंची और इसी कड़ी में विनोद वर्मा समेत अन्य आरोपियों के नाम सामने आए।
अब सेशन कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया के केंद्र में आ गया है।
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us