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Bilaspur SBI Embezzlement Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) जिले में स्थित बिल्हा (Bilha) की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा (State Bank of India - SBI) में 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। इस प्रकरण में एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti Corruption Bureau - ACB) ने निलंबित कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा (Tejavath Thirapatamma) को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच में सामने आया कि बैंक के रिकॉर्ड और खातों में छेड़छाड़ कर यह रकम हड़पी गई थी। मामले का खुलासा होने के बाद कैशियर को पहले ही निलंबित कर दिया गया था।
विभागीय जांच में खुली पोल
मामला वर्ष 2025 में सामने आया, जब बैंक खातों में जमा राशि में अंतर पाया गया। शाखा प्रबंधक पीयूष बारा (Piyush Bara) ने विभागीय जांच कराई, जिसमें आर्थिक अनियमितता उजागर हुई। जांच में पाया गया कि तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा और कुछ अन्य कर्मचारियों ने मिलकर रिकॉर्ड में हेरफेर की।
रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई, जिसके बाद कैशियर को निलंबित कर रिजनल बिजनेस ऑफिस जगदलपुर (Regional Business Office Jagdalpur - RBO) में अटैच किया गया। हालांकि, निलंबन के बाद उन्होंने न तो जगदलपुर में जॉइन किया और न ही बिल्हा शाखा में उपस्थित हुईं।
एसीबी में दर्ज हुई एफआईआर
शाखा प्रबंधक की शिकायत पर एसीबी ने 19 जनवरी 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act 1988) की धारा 13(1)(A) और 13(2) सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
एसीबी ने विभागीय जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। आरोपी कैशियर पिछले करीब 8 महीने से फरार चल रही थीं।
मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी
एसीबी की टीम ने बिल्हा शाखा के आसपास मुखबिर तैनात किए थे। गुरुवार को सूचना मिली कि तेजवथ थीरापतम्मा बैंक परिसर में आई हैं। सूचना मिलते ही एसीबी टीम ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
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