व्यापम की चूक से परीक्षा विवाद: 8 फरवरी को तीन बड़ी परीक्षाएं, NRDA, UPSC IES/ESE और CTET एक ही दिन, टकराव पर भड़के छात्र

CG Vyapam Exam controversy: छत्तीसगढ़ में व्यापमं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 8 फरवरी को NRDA JE, UPSC IES/ESE और CTET परीक्षाएं एक ही दिन रखी गई हैं, जिससे करीब 20 हजार इंजीनियरिंग अभ्यर्थी प्रभावित होंगे और परीक्षा तिथि बदलने की मांग तेज हो गई है।

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CG Vyapam Exam controversy: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की लापरवाही सामने आई है। 8 फरवरी को एक ही दिन तीन बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित होने से हजारों अभ्यर्थी असमंजस में फंस गए हैं।

एक दिन तीन परीक्षा

8 फरवरी को NRDA जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा, UPSC की IES/ESE प्रीलिम्स परीक्षा और CTET एक ही दिन रखी गई हैं। एक साथ तीन महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तारीख तय होने से भारी विवाद खड़ा हो गया है।

20 हजार प्रभावित

इस टकराव का सबसे ज्यादा असर इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। अनुमान है कि करीब 20 हजार से अधिक उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने एक से ज्यादा परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है, लेकिन एक ही दिन होने के कारण वे दोनों परीक्षाएं नहीं दे पाएंगे।

छात्रों की परेशानी

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कई छात्रों ने NRDA और UPSC IES/ESE दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है, लेकिन एक ही दिन परीक्षा होने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

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तिथि बदलने मांग

छात्रों ने व्यापमं से मांग की है कि कम से कम एक परीक्षा की तिथि बदली जाए, ताकि अभ्यर्थियों को दोनों परीक्षाओं में शामिल होने का अवसर मिल सके। इसे लेकर छात्र व्यापमं कार्यालय के चक्कर भी काट रहे हैं।

राहत नहीं मिली

अभ्यर्थियों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। न ही परीक्षा तिथि में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी की गई है।

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नाराजगी बढ़ी

एक दिन तीन परीक्षाएं रखे जाने से छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह लापरवाही सीधे तौर पर उनके करियर को प्रभावित कर रही है और इससे मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

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व्यापमं पर सवाल

छात्रों ने सवाल उठाया है कि जब परीक्षा कैलेंडर पहले से तय होता है, तो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को ध्यान में रखकर तारीख क्यों नहीं तय की गई। उनका कहना है कि ऐसी चूक पहले भी हो चुकी है।

आंदोलन चेतावनी

यदि जल्द परीक्षा तिथि में बदलाव नहीं किया गया, तो छात्र आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर व्यापमं के अगले फैसले पर टिकी हुई है।

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