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CG New Property Registration Rates: छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों और बाजार दरों के अनुसार यदि संशोधन आवश्यक हो तो प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जाएं। इसी क्रम में तीन जिलों से संशोधित दरों के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुए।
तीन जिलों ने भेजे पुनरीक्षण प्रस्ताव
बिलासपुर, कोरिया और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों ने जमीनों के बाजार मूल्य, पंजीयन आंकड़ों और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को आधार बनाकर गाइडलाइन दरों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया। इन प्रस्तावों को राज्य स्तर पर परीक्षण के लिए भेजा गया था।
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केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक
प्राप्त प्रस्तावों पर विचार के लिए उप महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तीनों जिलों से आए प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण किया गया और समग्र समीक्षा के बाद निर्णय लिया गया।
संशोधित दरों को मिली मंजूरी
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने बिलासपुर, कोरिया और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की संशोधित गाइडलाइन दरों को अनुमोदित कर दिया है। शासन के अनुसार यह निर्णय बाजार मूल्य और राजस्व हितों को संतुलित रखते हुए लिया गया है।
13 फरवरी 2026 से लागू नई दरें
बोर्ड द्वारा स्वीकृत नवीन गाइडलाइन दरें 13 फरवरी 2026 से प्रभावशील हो गई हैं। अब इन तीनों जिलों में संपत्ति की रजिस्ट्री और स्टाम्प शुल्क का निर्धारण नई दरों के अनुसार किया जाएगा। इससे जमीन खरीदी-बिक्री की लागत में बदलाव देखने को मिल सकता है।
रजिस्ट्री प्रक्रिया पर सीधा असर
गाइडलाइन दरों में बदलाव का सीधा प्रभाव संपत्ति के पंजीयन मूल्य पर पड़ेगा। यदि नई दरें बढ़ी हैं तो स्टाम्प शुल्क में वृद्धि होगी, वहीं दरों में कमी होने पर आम नागरिकों को राहत मिल सकती है। रियल एस्टेट कारोबार पर भी इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।
ऐसे प्राप्त करें जानकारी
आम नागरिक, संपत्ति खरीदार और रियल एस्टेट से जुड़े हितधारक संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों से नवीन गाइडलाइन दरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अद्यतन दरें उपलब्ध कराई जाएंगी।
अन्य जिलों में भी हो सकता है संशोधन
राज्य के अन्य जिलों से यदि संशोधित प्रस्ताव प्राप्त होते हैं तो केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा परीक्षण के बाद चरणबद्ध तरीके से नई गाइडलाइन दरें लागू की जाएंगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और विधि सम्मत तरीके से पूरी की जाएगी।
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