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CG Budget 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी साय सरकार का तीसरा बजट सदन में रखेंगे। यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के विकास मॉडल, प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक सुरक्षा के रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार के संकेतों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को देखते हुए इस बार बजट में जल बोर्ड गठन, ‘जी राम जी’ योजना के तहत ग्राम पंचायतों का सशक्त विकास, स्टार्टअप और MSME को बढ़ावा तथा राजधानी रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने जैसे बड़े ऐलान संभव माने जा रहे हैं।
यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब प्रदेश में गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और औद्योगिक निवेश को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। गरीब कल्याण से लेकर युवा शक्ति, किसान, महिलाएं और बच्चों तक हर वर्ग की निगाहें इस बजट पर टिकी हैं।
कितने का होगा इस बार का बजट
इस बार 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 1 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान की तुलना में बड़ा और विस्तारवादी बजट माना जा रहा है। सरकार जल संसाधन विभाग पर विशेष फोकस रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं, जल संरक्षण और ग्रामीण जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए बड़े प्रावधान कर सकती है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने और जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा संभव है। शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्रों को नई सौगात मिलने की संभावना है, जिससे बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर यह बजट छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास का नया रोडमैप तय करने वाला माना जा रहा है।
सदन की कार्यवाही आज कैसे चलेगी
24 फरवरी 2026 को विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे शुरू होगी। कार्यवाही की शुरुआत अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते के निधन के शोक उल्लेख से होगी। इसके बाद प्रश्नकाल होगा जिसमें सूचीबद्ध प्रश्न पूछे जाएंगे और संबंधित मंत्री उनके उत्तर देंगे। इस दौरान प्रशासनिक कार्यों, योजनाओं और क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा होने की संभावना है।
वित्त मंत्री पेश करेंगे बजट
प्रश्नकाल के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इससे पहले वे “ज्ञान और गति” की थीम पर आधारित बजट पेश कर चुके हैं। इस बार बजट का फोकस विकास और प्रशासनिक दक्षता के संतुलन पर रहने की संभावना है।
टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासन पर फोकस
सरकार प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। बजट में सरकारी योजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।
ई-ऑफिस प्रणाली, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और नागरिक सेवाओं के ऑनलाइन वितरण को और सशक्त बनाने की दिशा में निवेश संभावित है। इससे शासन प्रणाली अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गति तेज करने और औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के संकेत पहले ही दे चुकी है। बजट इन लक्ष्यों को वित्तीय आधार प्रदान कर सकता है।
युवा, रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम
राज्य की युवा आबादी को आर्थिक शक्ति में बदलना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बजट में युवाओं के लिए रोजगार अवसर बढ़ाने और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने हेतु नई नीतियों का ऐलान हो सकता है।
MSME और स्टार्टअप्स के लिए निवेश प्रोत्साहन योजनाएं, आसान ऋण, टैक्स रियायतें और इन्क्यूबेशन सपोर्ट जैसे प्रावधान किए जाने की संभावना है। जिला स्तर पर उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज भी घोषित किया जा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किसानों के लिए राहत और कृषि अधोसंरचना
कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार है। किसानों के लिए समर्थन मूल्य, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बजट प्रावधान की उम्मीद है।
कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, ग्रामीण कृषि बाजार और मूल्य संवर्धन इकाइयों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य और बाजार तक आसान पहुंच मिल सकेगी।
महिलाओं और बच्चों के लिए सामाजिक सुरक्षा
महिलाओं और बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए बजट में नए प्रावधान संभव हैं।
आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों और छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को अतिरिक्त वित्तीय समर्थन दिया जा सकता है। यह कदम सामाजिक विकास के सूचकांकों में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजधानी विकास और शहरी अधोसंरचना
मुख्यमंत्री राजधानी विकास योजना के तहत रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी की जा रही है। शहरी परिवहन, स्मार्ट यातायात प्रणाली, सीवरेज, पेयजल और हरित क्षेत्र विकास पर बड़े निवेश की संभावना है।
जल और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए राज्य स्तर पर जल बोर्ड गठन की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं। इससे जल प्रबंधन और वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकेगी।
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‘जी राम जी’ योजना से ग्रामीण विकास को गति
Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission Gramin यानी ‘जी राम जी’ योजना के तहत ग्राम पंचायतों के विकास के लिए बड़े बजट प्रावधान की संभावना है। ग्रामीण अधोसंरचना जैसे सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार के लिए राशि बढ़ाई जा सकती है। यह योजना ग्रामीण रोजगार और स्थानीय विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
खेल और सांस्कृतिक अधोसंरचना को बढ़ावा
राज्य में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए छोटे और मंझोले शहरों में खेल मैदान विकसित करने की योजना बन सकती है। यातायात सुधार हेतु रिंग रोड निर्माण का प्रावधान भी संभावित है।
रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना के लिए लगभग 1.86 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। सारंगढ़ के इंडोर स्टेडियम के नवीनीकरण के लिए भी बजट में राशि रखी जा सकती है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती
जिलों में नालंदा लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना युवाओं के लिए बड़ी पहल साबित हो सकती है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधन उपलब्ध होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये तक का प्रावधान संभव है। केंद्र की पीएम सूर्यघर योजना के साथ सोलर ऊर्जा विस्तार को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। यह स्वास्थ्य सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता दोनों क्षेत्रों में राज्य को मजबूती देगा।
संतुलित विकास का रोडमैप
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ का बजट 2026-27 इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासन, औद्योगिक वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन साधने का प्रयास माना जा रहा है।
सरकार के सामने चुनौती विकास की गति बनाए रखते हुए सामाजिक समावेशन सुनिश्चित करने की है। आज पेश होने वाला बजट आने वाले वर्षों में राज्य की विकास दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
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