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महाशिवरात्रि पर कोसमनारा धाम पहुंचे मुख्यमंत्री साय: पत्नी कौशल्या साय संग की पूजा-अर्चना, 1.20 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास

महाशिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पत्नी कौशल्या साय के साथ रायगढ़ के कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे।

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Harsh Verma
Chhattisgarh Mahashivratri

Chhattisgarh Mahashivratri: महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Dev Sai) अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय (Kaushalya Sai) के साथ रायगढ़ (Raigarh) प्रवास के दौरान देर रात ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम (Shri Shri 108 Shri Satyanarayan Baba Dham) पहुंचे।

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मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ (Lord Shiva) और श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा महाशिवरात्रि की बधाई दी।

1.20 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिला खनिज न्यास मद (District Mineral Trust – DMF) के अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श और शेड निर्माण, श्रद्धालुओं के विश्राम व भोजन के लिए शेड, शौचालय परिसर भवन तथा पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धाम का विकास और व्यवस्थित रूप से होगा।

आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ रही है।

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धाम का ऐतिहासिक महत्व

रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित यह धाम वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। बड़ी संख्या में लोग यहां श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा और भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं। वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि प्राप्त हुई, जिसके बाद धाम की ख्याति और बढ़ी।

बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप तैयार किया और उसी स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया। वर्षा, ग्रीष्म और शीत—तीनों ऋतुओं में खुले स्थान पर रहकर साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान है।

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जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान (Jeevardhan Chauhan), नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू (Degreeelal Sahu), कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी (Mayank Chaturvedi), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह (Shashimohan Singh) सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

धार्मिक माहौल और आध्यात्मिक वातावरण के बीच महाशिवरात्रि का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।

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