कोरबा जिले की SECL खदान में हैवी ब्लास्टिंग: उछले पत्थर की चपेट में आकर ग्रामीण की मौत, मुआवजा और नौकरी की मांग पर भड़के लोग

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में SECL की दीपका खदान में हैवी ब्लास्टिंग के दौरान उछले पत्थर से एक 60 वर्षीय ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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Korba SECL Mine Accident: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बार फिर कोयला खदानों में हो रही हैवी ब्लास्टिंग जानलेवा साबित हुई है। South Eastern Coalfields Limited (SECL) की दीपका खदान में ब्लास्टिंग के दौरान उछले भारी पत्थर की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।

यह घटना हरदीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत सुवाभोंडी के पास स्थित SECL दीपका खदान में हुई। मृतक की पहचान रेकी गांव निवासी 60 वर्षीय लखन लाल पटेल के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खदान में हैवी ब्लास्टिंग की जा रही थी, जिसके बाद पत्थर काफी दूर तक उछल गए। इसी दौरान एक बड़ा पत्थर सीधे लखन लाल पटेल पर गिर गया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

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पहले ही दी गई थी चेतावनी, फिर भी हुई हैवी ब्लास्टिंग

ग्रामीणों का आरोप है कि इस हादसे से पहले उन्होंने कई बार SECL प्रबंधन को हैवी ब्लास्टिंग से होने वाले खतरे को लेकर आगाह किया था। ग्रामीणों ने बताया कि 5 तारीख को SECL के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में अधिकारियों और गांव के प्रतिनिधियों के बीच बैठक भी हुई थी। इस बैठक में यह सहमति बनी थी कि आसपास के गांवों को नुकसान से बचाने के लिए हैवी ब्लास्टिंग नहीं की जाएगी। लेकिन महज दो दिन बाद ही यह हादसा हो गया, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है।

ब्लास्टिंग से गांवों में बढ़ रही समस्याएं

स्थानीय सरपंच लोकेश्वर कंवर ने बताया कि ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल का कहना है कि हैवी ब्लास्टिंग के कारण आसपास के गांवों में बोर और कुएं सूखते जा रहे हैं। कई घरों में दरारें पड़ गई हैं और कुछ मकानों के छज्जे तक क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इन सभी समस्याओं की जानकारी पहले ही SECL अधिकारियों को दी जा चुकी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

प्रशासन और पुलिस मौके पर, तनावपूर्ण शांति

घटना की सूचना मिलते ही हरदीबाजार और कुसमुंडा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से SDM पाली भी घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच, ग्रामीण और मृतक के परिजन शव को वाहन में रखकर घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं और शव रखकर प्रदर्शन करने की बात कही जा रही है।

मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े ग्रामीण

ग्रामीणों और मृतक के परिजनों की मांग है कि लखन लाल पटेल के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को SECL में नौकरी दी जाए। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और CISF के जवानों को तैनात किया गया है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और जिला प्रशासन हालात को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार ग्रामीणों से बातचीत कर रहा है।

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