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Mandla Mob Lynching: मध्यप्रदेश के मंडला जिले में मॉब लिंचिंग जैसी एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां बच्चा चोर होने की अफवाह के चलते ग्रामीणों ने एक किशोर को पकड़कर बेरहमी से पीट दिया। बाद में पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन अगले दिन उसका शव सड़क पर मिला। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के ग्राम कुकरापानी निवासी अमरलाल (17) के रूप में हुई है, जो मानसिक रूप से दिव्यांग बताया जा रहा है।
यह घटना मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र के बरखेड़ा गांव की है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि कई लोग मिलकर किशोर को घेरकर मारपीट कर रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति डंडे से उसे मारता दिख रहा है, जबकि दूसरा उसके बाल पकड़कर जमीन पर पटक देता है। आसपास खड़े लोग उससे नाम पूछते दिखाई देते हैं और किशोर की चीखें भी साफ सुनाई देती हैं।
बच्चा चोर की अफवाह फैलते ही भड़क उठी भीड़
बताया जा रहा है कि बरखेड़ा गांव में बच्चा चोर होने की अफवाह फैल गई थी। इसी दौरान ग्रामीणों की नजर एक अजनबी किशोर पर पड़ी। लोगों ने बिना सत्यापन किए उसे बच्चा चोर समझ लिया और पकड़कर बांध दिया। इसके बाद भीड़ ने उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
घटना की सूचना गांव के सरपंच ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बिछिया पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से किशोर को छुड़ाया। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया ताकि उसका इलाज कराया जा सके।
अस्पताल से गायब होने के बाद सड़क पर मिला शव
मंडला के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के मुताबिक शुरुआती जांच में किशोर मानसिक रूप से कमजोर लग रहा था और उस समय उसकी पहचान भी नहीं हो सकी थी। इलाज के दौरान वह अस्पताल से चला गया था।
इसके बाद 27 फरवरी की सुबह करीब 10 बजकर 35 मिनट पर पुलिस को सूचना मिली कि एनएच-30 पर ग्राम गुनेरा के पास एक शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
बिछिया थाना प्रभारी रंजीत सैयाम के अनुसार आशंका है कि किशोर को किसी बड़े वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि उसे सड़क पर गलत दिशा में चलते हुए भी देखा गया था और संभव है कि 26 और 27 फरवरी की रात के बीच यह हादसा हुआ हो।
पुलिस पर उठ रहे कई सवाल
इस घटना के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल में भर्ती किशोर रात में वहां से कैसे निकल गया। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और उस समय सुरक्षा गार्ड व स्टाफ क्या कर रहे थे।
इसके अलावा यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सड़क दुर्घटना किस वाहन से हुई और क्या किसी ने हादसे को होते हुए देखा। इन सवालों के जवाब अभी तक पुलिस के पास भी स्पष्ट रूप से नहीं हैं।
मारपीट के आरोपियों पर दर्ज हुई FIR
मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भीड़ में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वहीं किशोर को टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर उसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
एसपी रजत सकलेचा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेना गंभीर अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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