दुर्ग रेंज में पुलिसिंग में अनुशासन और जवाबदेही पर जोर: 90 दिन में केस निपटाने के आदेश, आईजी ने ली अहम बैठक

Durg IG first Meeting: दुर्ग रेंज के नए आईजी अभिषेक शांडिल्य ने पहली बैठक में पुलिसिंग में सख्ती के संकेत दिए। लुभावने विज्ञापनों से ठगी पर रोक, टीआई द्वारा एफआईआर और 90 दिन में लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश दिए।

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Durg IG first Meeting:दुर्ग रेंज के नवपदस्थ पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों की पहली अहम बैठक ली। पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

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थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश

बैठक में आईजी शांडिल्य ने थाना प्रभारियों को साफ शब्दों में कहा कि पुलिसिंग में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अनुशासन, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि थाने स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

पुलिस कर्मचारियों की निगरानी पर फोकस

आईजी ने अधिकारियों से परिचय लेने के साथ जिले की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य, गतिविधियों और आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए।

जनता के भरोसे से जुड़ी पुलिस की छवि

आईजी शांडिल्य ने कहा कि पुलिस की छवि सीधे तौर पर आम जनता के विश्वास से जुड़ी होती है। इसलिए हर स्तर पर कार्यशैली में पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी है।

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लुभावने विज्ञापनों से ठगी पर सख्ती

बैठक में वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर विशेष चिंता जताई गई। आईजी ने निर्देश दिए कि लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वाले संस्थानों, संदिग्ध कंपनियों और निवेश योजनाओं की पहचान कर सूची तैयार की जाए।

सर्वे कर तैयार होगी संदिग्ध संस्थानों की सूची

उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर सक्रिय निगरानी रखते हुए ऐसे व्यवसायिक संस्थानों का सर्वे किया जाए ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके और आम नागरिकों को ठगी से बचाया जा सके।

गंभीर मामलों में टीआई खुद करेंगे एफआईआर

आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण संपत्ति संबंधी और शरीर संबंधी अपराधों, विशेषकर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में थाना प्रभारी स्वयं एफआईआर दर्ज करेंगे। किसी भी तरह की टालमटोल या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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90 दिनों में लंबित मामलों के निराकरण के आदेश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि थानों में लंबित धोखाधड़ी के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।

समयसीमा में शिकायतों का समाधान जरूरी

आईजी ने कहा कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। नए प्रावधानों के अनुसार पंजीबद्ध मामलों का 60 और 90 दिनों में निराकरण अनिवार्य रूप से किया जाए।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणीशंकर चंद्रा सहित जिले के सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

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