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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में नक्सली एनकाउंटर: पुलिस और सीआरपीएफ ने 7 माओवादियों को किया ढेर, 71 लाख रुपए का था इनाम

छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव के गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। जिले के भामरागढ़ तालुका से सटे गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा क्षेत्र के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में 7 हार्डकोर माओवादियों को मार गिराया गया।

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BP Shrivastava
CG Naxal Encounter

CG Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव के गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। जिले के भामरागढ़ तालुका से सटे गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा क्षेत्र के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में 7 हार्डकोर माओवादियों को मार गिराया गया। मारे गए नक्सलियों पर महाराष्ट्र सरकार ने 71 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।

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एक जवान शहीद, एक घायल

 इस अभियान में सी-60 का एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया। पुलिस को 3 फरवरी को गोपनीय सूचना मिली थी कि कंपनी नंबर-10 के शेष माओवादी और छत्तीसगढ़ के दलम सदस्य गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा के जंगलों में बड़ी वारदात की फिराक में डेरा बनाए हुए हैं।

नक्सलियों के दो ठिकाने ध्वस्त

इसके बाद एसडीपीओ भामरागढ़ अमर मोहिते के नेतृत्व में सी-60 की 14 टुकड़ियों को तत्काल जंगल के लिए रवाना किया गया। 4 फरवरी को सर्च ऑपरेशन के दौरान घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान माओवादियों के दो ठिकाने ध्वस्त किए गए और बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई।

मैनपुर के जंगल में छिपाए गए हथियार बरामद

जिला राजनांदगांव पुलिस ने मैनपुर के भालूडिग्गी और मटाल पहाड़ियों और जंगल में नक्सलियों के छिपाए गए हथियार बरामद किए हैं। हथियारों को बरामद करने के लिए ई-30 ऑप्स टीम ने करीब 36 घंटे सर्च अभियान चलाया।  6 स्थानों से 2 इंसास, एक-एक 303 रा​इफल और देशी कट्टा, एक बीजीएल लांचर, 12 बोर की 2 बंदूक, 02 सिंगल शॉट बंदूक, 127 जिंदा कारतूस, 8 नग मैग्जीन, 22 बीजीएल सेल और बंडल इलेक्ट्रिक वॉयर बरामद किए गए।

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बीजापुर- सुकमा से 51 नक्सलियों का सरेंडर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 30 और सुकमा में 21 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ के अंतर्गत सरेंडर किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ का इनाम था।

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बस्तर में  शांति स्थापना में अहम कदम

सीएम विष्णुदेव साय ने इस नक्सली सरेंडर को बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि हथियारों का परित्याग कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त करना स्पष्ट संकेत देता है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी प्रगति ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की मजबूत नींव होते हैं।

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सरेंडर करने वाले युवाओं को सहयोग दिया जाएगा

सीएम ने कहा कि विकासात्मक पहलों ने भटके युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की सुशासन आधारित नीति का केंद्र बिंदु सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास, पुनर्वास और भविष्य की संभावनाओं का निर्माण है। सरेंडर करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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