दुर्ग गैंगरेप केस में बड़ा मोड़: सांसद के पूर्व पीए समेत दो फरार आरोपियों ने किया कोर्ट में सरेंडर, 8 साल तक ब्लैकमेल कर दुष्कर्म का आरोप

दुर्ग जिले में नाबालिग से गैंगरेप मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इनमें एक आरोपी सांसद का पूर्व पीए बताया जा रहा है, जिस पर पीड़िता को ब्लैकमेल कर 8 साल तक दुष्कर्म करने का आरोप है।

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Durg Gangrape Case

Durg Gangrape Case: दुर्ग (Durg) जिले में नाबालिग से गैंगरेप के चर्चित मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों ने 13 फरवरी को अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।

इनमें से एक आरोपी बी.एन. पांडेय (B.N. Pandey) बताया जा रहा है, जो दुर्ग सांसद (Durg MP) का पूर्व निजी सहायक (PA) रह चुका है। दूसरा आरोपी संजय पंडित (Sanjay Pandit) है, जिस पर होटल और रेस्ट हाउस प्रबंधन से जुड़े आरोप हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब सभी छह आरोपी गिरफ्त में हैं।

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नौकरी का लालच और ब्लैकमेल का आरोप

cg News

पीड़िता ने महिला थाना (Mahila Thana) में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी बी.एन. पांडेय ने उसे लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी लगवाने में मदद की थी। इसी दौरान उसने व्हाट्सऐप (WhatsApp) के जरिए उससे आपत्तिजनक वीडियो मंगवाए।

पीड़िता का आरोप है कि इन वीडियो के आधार पर उसे ब्लैकमेल किया गया और करीब आठ वर्षों तक उसके साथ दुष्कर्म किया गया। दूसरे आरोपी संजय पंडित पर आरोप है कि उसने नौकरी से निकालने का डर दिखाकर पीड़िता का शोषण किया।

बढ़ते दबाव में पहुंचे अदालत

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा (Mani Shankar Chandra) ने बताया कि चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। बाकी दो आरोपी फरार थे और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही थी। पुलिस की सक्रिय कार्रवाई और बढ़ते दबाव के चलते दोनों आरोपियों ने अंततः अदालत में सरेंडर कर दिया।

अब होगी गहन पूछताछ

दोनों आरोपियों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस अब अदालत से रिमांड लेने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।

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