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बेमेतरा के धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों का घोटाला उजागर: 53 हजार क्विंटल धान गायब, 17 करोड़ की हेराफेरी पर केंद्र प्रभारी हटाए गए

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सरदा लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र में भारी अनियमितता सामने आई है। जांच में करीब 53 हजार क्विंटल धान गायब पाया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 17 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

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Harsh Verma
Khairagarh Paddy Procurement

File Photo

Bemetara Paddy Scam: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला में धान संग्रहण व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के सरदा लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों रुपये के धान के गायब होने का मामला उजागर हुआ है। जांच में सामने आया है कि यहां बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

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दरअसल, सरदा लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र में पिछले वर्ष विभिन्न सेवा सहकारी समितियों के जरिए लगभग 65 हजार क्विंटल धान लाकर भंडारण किया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में धान की यह मात्रा सुरक्षित होनी चाहिए थी। लेकिन जब प्रशासन की ओर से भौतिक सत्यापन कराया गया, तो नतीजे हैरान करने वाले निकले। मौके पर महज 11 हजार क्विंटल के आसपास ही धान पाया गया।

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53 हजार क्विंटल धान गायब

जांच दल की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र से करीब 53 हजार क्विंटल धान कम मिला है। इस धान की बाजार कीमत लगभग 17 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इतने बड़े पैमाने पर धान के गायब होने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक अनियमितता के रूप में देखा जा रहा है।

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संयुक्त टीम ने की जांच

यह कार्रवाई खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और मंडी से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई है। टीम ने केंद्र के रिकॉर्ड, भंडारण की स्थिति और वास्तविक उपलब्धता का मिलान किया। जांच के दौरान कई स्तर पर गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।

प्रभारी पर गिरी गाज

गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद सरदा लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र के प्रभारी नीतीश पाठक को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ही जिम्मेदारी तय होती दिख रही है, इसलिए आगे की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।

कलेक्टर को सौंपी गई रिपोर्ट

जांच दल ने पूरे मामले का प्रतिवेदन जिला प्रशासन के माध्यम से कलेक्टर को सौंप दिया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। माना जा रहा है कि यदि जांच में जानबूझकर हेराफेरी की पुष्टि होती है, तो आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

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खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुल 53,639 क्विंटल धान कम पाया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में 65,287 क्विंटल धान होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 11,648 क्विंटल धान ही उपलब्ध मिला। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी गहराई से जांच की जा रही है।

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