छत्तीसगढ़ बिरनपुर हिंसा: सभी 17 आरोपियों को सबूतों के अभाव में जिला कोर्ट ने किया बरी, 2023 में पिता-पुत्र को लाठियों से पीट-पीटकर मारा था

दुर्ग में बेमेतरा हिंसा मामले में जिला कोर्ट ने सभी 17 आरोपियों को बरी कर दिया है। सभी आरोपी सबूतों के अभाव में बरी हुए। 2023 में पिता-पुत्र की हत्या हुई थी।

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Biranpur Violence Decision: छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिला कोर्ट ने बिरनपुर हिंसा के सभी 17 आरोपियों को बरी कर दिया है। 2023 में पिता-पुत्र की हत्या के मामले में फैसला सुनाया गया।

बरी किए गए ये आरोपी

डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम (28 साल)

मनीष वर्मा (23 साल)

समारू नेताम (43 साल)

पूरन पटेल (19 साल)

राजकुमार निषाद (19 साल)

भोला निषाद (23 साल)

दूधनाथ साहू (27 साल)

अरुण रजक (18 साल)

चंदन साहू (20 साल)

होमेन्द्र नेताम (25 साल)

टाकेन्द्र साहू (22 साल)

हिरेश निषाद (19 साल)

संजय कुमार साहू (25 साल)

चिंताराम साहू (68 साल)

चतुरराम साहू (23 साल)

वरूण साहू (18 साल)

राजेश साहू (23 साल)

लंबी सुनवाई के बाद फैसला

बिरनपुर मामले में साजा थाने 173 लोगों के खिलाफ धारा 302, 147, 148, 149, 153 (3) भादवि और 201, 109, 34 भादवि के अपराध में अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दिक्षित की कोर्ट में सुनवाई हुई। 64 गवाहों के बयान हुए। 17 आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर सबूतों के अभाव में छोड़ दिया।

बिरनपुर में हुई थी हिंसा

बिरनपुर में 2 बच्चों की मामूली लड़ाई से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते 2 पक्षों की हिंसक झड़प में बदल गया। 8 अप्रैल 2023 को साजा विधायक ईश्वर साहू के 22 साल के बेटे की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या हो गई थी।

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पिता-पुत्र की हत्या

विधायक के बेटे की हत्या के बाद 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद बुलाया। गांव में आगजनी हुई और रहीम और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद की हत्या हो गई थी। बिरनपुर में धारा 144 लागू हुई थी जो 2 हफ्ते तक चली। पुलिस ने शुरुआत में 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन CBI ने अपनी जांच में 5 नए आरोपी सामने आए।

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