CG News: छत्तीसगढ़ के दो मुन्नाभाई MBBS छात्र गरियाबंद से गिरफ्तार, 15 सालों से ठगी और PMT फर्जीवाड़े में रहे शामिल, अब 1 लाख वसूलने का आरोप

CG News: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे दो MBBS छात्रों को गरियाबंद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलकर एक युवक को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 1 लाख रुपये वसूले।

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आरोपी चंद्रशेखर सेन और उसका साथी निखिल राज सिंह।

CG News: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहे दो छात्र एक बार फिर बड़े अपराध में पकड़े गए हैं। गरियाबंद पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक व्यक्ति को झूठे केस में फंसाने की बात कहकर 1 लाख रुपये वसूले थे। मामला छुरा थाना क्षेत्र से संबंधित है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी कुख्यात PMT मुन्नाभाई प्रकरण में शामिल रह चुके हैं। साल 2009 और 2010 की PMT परीक्षाओं में दोनों ने वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को बैठाकर परीक्षा दिलवाई थी। इन मामलों में इन्हें जेल भी हो चुकी है।

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कौन हैं गिरफ्तार किए गए छात्र?

  1. चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन (गरियाबंद)

  2. निखिल राज सिंह (उत्तरप्रदेश, झांसी निवासी)

दोनों वर्ष 2007 में PMT पास कर मेडिकल कॉलेज में दाखिल हुए थे। कई बार फेल होने के बाद भी पढ़ाई जारी रखे हुए थे। पुलिस का कहना है कि पैसों की लालच और गलत जीवनशैली के कारण वे बीते 15 वर्षों में करोड़ों रुपये की ठगी और फर्जीवाड़ा कर चुके हैं।

कैसे हुआ खुलासा?

गरियाबंद जिले के खेमचंद नाम के युवक को अगस्त 2025 में डाक से एक फर्जी नॉन-बेलेबल वारंट मिला। आरोपी निखिल ने फोन कर धमकाया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उसे जेल भेज दिया जाएगा। डर में आकर पीड़ित ने 1 लाख रुपये आरोपी को दे दिए, लेकिन धमकी बंद नहीं हुई। इसके बाद उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई। 

अपराध क्रमांक 183/2025 दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों छात्रों की तलाश शुरू की। पहले चंद्रशेखर को गरियाबंद से पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि निखिल ट्रेन से बाहर भाग रहा है। लोकेशन ट्रैक कर RPF बिलासपुर और पेंड्रारोड की मदद से निखिल को दबोच लिया गया।

PMT फर्जीवाड़े में रोल

मामलों की कड़ी जोड़ने पर सामने आया कि दोनों ने कॉलेज में मिलकर ही फर्जीवाड़े की शुरुआत की थी। वे बाहर के अभ्यर्थियों को पैसे लेकर परीक्षा दिलवाने के "कॉन्ट्रैक्ट" लेते थे।

  • 2009 महासमुंद PMT में 9 लोग गिरफ्तार हुए (इनमें दोनों शामिल)

  • 2010 बिलासपुर PMT में 8 आरोपी पकड़े गए (इनमें भी दोनों शामिल)

व्यापम तक मामला पहुंचा और इन्हें जेल भेजा गया, पर रिहाई बाद भी इन्होंने अवैध कमाई नहीं छोड़ी।

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